नौहराधार। सिरमौर जिला के नौहराधार स्थित सहकारी बैंक में अगस्त, 2024 में सामने आए करोड़ों रुपए के बहुचर्चित घोटाले के मामले में बैंक प्रबंधन ने बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए आरोपी सहायक प्रबंधक को स्थायी रूप से सेवा से बर्खास्त कर दिया है। बैंक के उच्च अधिकारियों द्वारा लिए गए इस निर्णय का क्षेत्र के उपभोक्ताओं ने स्वागत किया है। स्थानीय उपभोक्ता इंद्रपाल चौहान, नरेंद्र सिंह, व्यापार मंडल प्रधान अशोक ठाकुर तथा पूर्व व्यापार मंडल प्रधान रविंद्र चौहान व नरेंद्र सिंह ने कहा कि बैंक प्रबंधन द्वारा दोषी अधिकारी के खिलाफ की गई कड़ी कार्रवाई से स्पष्ट संदेश गया है कि वित्तीय अनियमितताओं को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनका कहना है कि इससे बैंक की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी तथा उपभोक्ताओं का विश्वास भी और मजबूत होगा। बैंक प्रबंधन के अनुसार घोटाले से प्रभावित उपभोक्ताओं की करीब 98 प्रतिशत राशि का भुगतान किया जा चुका है, जबकि शेष लगभग दो प्रतिशत उपभोक्ताओं की राशि का भुगतान भी शीघ्र कर दिया जाएगा।
गौरतलब है कि 13 अगस्त, 2024 को यह मामला सार्वजनिक होने के बाद क्षेत्र में हडक़ंप मच गया था। घोटाले की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में उपभोक्ता अपने खातों की जांच के लिए बैंक पहुंचे। मामला मीडिया में आने के बाद बैंक मुख्यालय शिमला ने तुरंत संज्ञान लेते हुए अधिकारियों की विशेष टीम नौहराधार भेजी, जिसने कई दिनों तक बैंक के दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की गहन जांच की। प्रारंभिक जांच के बाद आरोपी सहायक प्रबंधक को तत्त्काल प्रभाव से निलंबित कर शिमला मुख्यालय भेज दिया था। उधर, राज्य को-ऑपरेटिव बैंक के एमडी विनय सिंह ने बताया कि करोड़ों रुपए की हेरा-फेरी करने वाले सहायक प्रबंधन को स्थायी रूप से बर्खास्त कर दिया है। साथ में बैंक रिकवरी भी की जा रही है। मामले में छानबीन भी जारी है, बाकि उपभोक्ताओं की राशि भी लगभग लौटा दी गई है।
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