BRICS समिट के लिए हाई अलर्ट पर दिल्ली, 15 हजार पुलिसकर्मी और 500 CCTV तैनात
नई दिल्ली। भारत इस सप्ताहांत राजधानी के भारत मंडपम में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने जा रहा है। शनिवार से शुरू होने वाले दो दिवसीय सम्मेलन में रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील और ईरान सहित सदस्य देशों के शीर्ष नेता तथा उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल शामिल होंगे। दुनिया के बड़े नेताओं की मौजूदगी को देखते हुए दिल्ली को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सम्मेलन स्थल, विदेशी मेहमानों के ठहरने वाले होटल और वीवीआईपी आवागमन वाले रास्तों पर बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत दिल्ली पुलिस के करीब 15 हजार जवानों को तैनात किया गया है। इसके साथ ही अर्धसैनिक बलों की लगभग 200 कंपनियां सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग कर रही हैं। प्रमुख स्थानों पर 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के जरिए चौबीस घंटे निगरानी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सम्मेलन को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए केंद्र तथा दिल्ली की कई एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं।
भारत मंडपम के आसपास सुरक्षा का विशेष घेरा तैयार किया गया है। यहां प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की पहचान और अधिकृत पास की जांच की जाएगी। सम्मेलन स्थल के भीतर और बाहर सुरक्षा बलों की कई टीमें तैनात रहेंगी। दिल्ली पुलिस की विशेष इकाइयों के साथ एनएसजी और स्वाट कमांडो को भी संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि का तत्काल पता लगाने के लिए आधुनिक निगरानी तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।
सीसीटीवी कैमरों के साथ चेहरा पहचानने वाली तकनीक और एंटी-ड्रोन सिस्टम का भी उपयोग किया जा रहा है। सम्मेलन स्थल तथा उसके आसपास के हवाई क्षेत्र में अनधिकृत ड्रोन या किसी अन्य संदिग्ध वस्तु की गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। बम निरोधक दस्ते, श्वान दल और त्वरित प्रतिक्रिया टीमों को भी अलर्ट पर रखा गया है। आयोजन स्थल की नियमित जांच की जा रही है।
विदेशी नेताओं और प्रतिनिधिमंडलों के ठहरने वाले प्रमुख होटलों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। होटल कर्मचारियों और अन्य सेवा प्रदाताओं का सत्यापन कराया गया है। होटलों की छतों, प्रवेश द्वारों, पार्किंग क्षेत्रों और आसपास की सड़कों पर अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। विदेशी सुरक्षा एजेंसियों की अग्रिम टीमें भी भारतीय अधिकारियों के साथ समन्वय कर रही हैं।
ब्रिक्स सम्मेलन के कारण दिल्ली की यातायात व्यवस्था पर भी असर पड़ने की संभावना है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सम्मेलन के दौरान पूरी राजधानी बंद नहीं रहेगी। मेट्रो, बस, ऑटो, टैक्सी और ऐप आधारित कैब जैसी सार्वजनिक परिवहन सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहेंगी। हालांकि, वीवीआईपी काफिलों की आवाजाही के दौरान कुछ सड़कों पर यातायात अस्थायी रूप से रोका या बदला जा सकता है।
सम्मेलन से जुड़े वीवीआईपी मूवमेंट के कारण राजधानी की 35 से अधिक सड़कों पर अलग-अलग समय में प्रतिबंध, डायवर्जन या देरी हो सकती है। इन मार्गों पर आने-जाने वाले लोगों को कुछ समय के लिए रुकना पड़ सकता है। यातायात पुलिस ने नागरिकों से आधिकारिक ट्रैफिक एडवाइजरी देखने के बाद ही यात्रा की योजना बनाने और अतिरिक्त समय लेकर घर से निकलने की अपील की है।
मथुरा रोड, सरदार पटेल मार्ग, शांति पथ, जनपथ, अशोक रोड, बाराखंभा रोड, लोधी रोड, मंडी हाउस और भारत मंडपम की ओर जाने वाले मार्गों पर विशेष नजर रखी जा रही है। विदेशी नेताओं के काफिले के गुजरने से पहले कुछ चौराहों और सड़कों पर वाहनों को थोड़ी देर के लिए रोका जा सकता है। काफिला निकलते ही सामान्य यातायात बहाल करने का प्रयास किया जाएगा।
यातायात पुलिस का कहना है कि पाबंदियां पूरे दिन एक समान लागू नहीं रहेंगी। इन्हें केवल आवश्यकता और वीवीआईपी मूवमेंट के अनुसार लागू किया जाएगा। ऐसे में सोशल मीडिया पर दिल्ली के पूरी तरह बंद होने को लेकर प्रसारित संदेशों पर भरोसा नहीं करने की सलाह दी गई है। लोगों को केवल यातायात पुलिस और प्रशासन के आधिकारिक माध्यमों से जारी सूचना पर ध्यान देने को कहा गया है।
रेलवे स्टेशन और हवाई अड्डे की ओर जाने वाले यात्रियों को अपनी यात्रा के लिए अतिरिक्त समय रखने की सलाह दी गई है। जहां संभव हो, लोगों से मेट्रो का इस्तेमाल करने को कहा गया है। दिल्ली मेट्रो की सेवाएं जारी रहेंगी, लेकिन सुरक्षा कारणों से कुछ स्टेशनों के चुनिंदा प्रवेश या निकास द्वार अस्थायी रूप से बंद किए जा सकते हैं। यात्रियों को मेट्रो से संबंधित ताजा सूचना देखते रहने की जरूरत होगी।
एम्बुलेंस, दमकल वाहन और अन्य आपातकालीन सेवाओं को बिना बाधा रास्ता देने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। प्रमुख अस्पतालों और नियंत्रण कक्षों के बीच समन्वय स्थापित किया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वीवीआईपी काफिलों के कारण किसी मरीज या चिकित्सा आपातकाल से जुड़े वाहन को अनावश्यक रूप से न रोका जाए।
दिल्ली की सीमाओं पर भी अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। भारी और मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर कुछ समय के लिए पाबंदी लगाई जा सकती है। नोएडा की तरफ से चिल्ला बॉर्डर, डीएनडी और कालिंदी कुंज के रास्ते दिल्ली आने वाले मालवाहक वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं। आवश्यक वस्तुओं और आपातकालीन सेवाओं से संबंधित वाहनों को नियमों के अनुसार छूट दी जा सकती है।
ब्रिक्स सम्मेलन में वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार, निवेश, डिजिटल भुगतान, ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार जैसे विषयों पर चर्चा होगी। यूक्रेन और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष तथा दुनिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच हो रहे इस सम्मेलन पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सम्मेलन की अध्यक्षता करने के साथ कई नेताओं से द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे।
अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा और यातायात संबंधी व्यवस्थाओं का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय आयोजन को सफल बनाना तथा आम जनता को कम से कम परेशानी होने देना है। नागरिकों से सुरक्षा जांच में सहयोग करने, संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की जानकारी तुरंत देने और प्रतिबंधित मार्गों से बचने की अपील की गई है। पूरे सम्मेलन के दौरान दिल्ली पुलिस का नियंत्रण कक्ष सक्रिय रहेगा और स्थिति के अनुसार ट्रैफिक से जुड़ी ताजा सूचनाएं जारी की जाएंगी।