Keylong. केलांग। लाहुल-स्पीति के कडूनाला में हुए दर्दनाक हादसे ने पहाड़ी क्षेत्रों में सफर के जोखिम को एक बार फिर उजागर कर दिया है। उदयपुर-किलाड़ सडक़ मार्ग गत गुरुवार को भूस्खलन के कारण बंद था। इस वजह से कुल्लू से पांगी जा रहे यात्री तिंदी में ही रुकने को मजबूर हो गए। शुक्रवार सुबह सडक़ बहाल होने के बाद सभी यात्रियों ने राहत की सांस ली और टैक्सी से अपने गंतव्य पांगी के लिए रवाना हो गए। लेकिन यह राहत कुछ ही देर की साबित हुई। कडूनाला के पास पहुंचते ही अचानक पहाड़ी का बड़ा हिस्सा दरक गया और भारी मात्रा में मलबा सीधे टैक्सी पर आ गिरा।
देखते ही देखते वाहन मलबे में दब गया और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। वाहन में सवार लोगों को बचाने का किया गया। लेकिन भाग्य को जो मंजूर था। फिर वो हुआ और हादसे में 13 लोगों ने अपनी जान गवां दी। इस घटना में एक नन्हे बच्चे ही भी मौत हुई है। घटना इतना दर्दनाक था कि मौके पर पहुंचे बचाव दल की आंखे भी नम हो गई। गंघीर रुप से घायल लोगों को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी बचाने की पूरी कोशिश की। लेकिन उपचार के बाद भी कुछ लोगों ने दम तोड़ दिया। वहीं, सूचना मिलते ही तिंदी पुलिस, प्रशासन और बचाव दल तत्काल मौके पर पहुंचे।