West Bengal पश्चिम बंगाल : तृणमूल कांग्रेस के बैंक खाते को लेकर चल रहा विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इसी बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक कुणाल घोष ने बागी विधायकों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया है कि जिन लोगों ने पार्टी के खाते से मिले पैसों का उपयोग चुनाव लड़ने में किया, वही अब उसी पार्टी के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
यह पूरा मामला तब और चर्चा में आ गया जब हाल ही में टीएमसी नेता अरूप बिस्वास ने पार्टी के बैंक खाते पर रोक लगाने की मांग करते हुए पत्र लिखा था। इसके बाद बैंक खाते को फ्रीज कर दिया गया, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ गई है।
कुणाल घोष ने इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कुछ उम्मीदवारों ने विधायक बनने के लिए पार्टी फंड का इस्तेमाल किया था। उन्होंने एक मामले का जिक्र करते हुए कहा कि एक उम्मीदवार ने अपने चुनाव प्रचार में कुल 26 लाख रुपये में से लगभग 25 लाख रुपये खर्च किए थे। यह राशि कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस के एचडीएफसी बैंक खाते से आरटीजीएस के माध्यम से ट्रांसफर की गई थी, जिसे पार्टी चंदे के रूप में दिखाया गया था।
घोष ने आगे आरोप लगाया कि संबंधित उम्मीदवार ने इसी फंड का उपयोग कर चुनावी लाभ लेने की कोशिश की और बाद में उसी पार्टी के खिलाफ शिकायत दर्ज कर दी। उन्होंने इसे पार्टी के खिलाफ राजनीतिक साजिश और आंतरिक असंतोष का परिणाम बताया।
इस पूरे घटनाक्रम ने तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान को और उजागर कर दिया है। बैंक खाते को फ्रीज किए जाने के बाद अब मामले की जांच और तेज होने की संभावना जताई जा रही है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस विवाद का असर आने वाले समय में पार्टी की छवि और संगठनात्मक एकता पर भी पड़ सकता है।