पश्चिम बंगाल: जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े कथित आतंकी हमीम मंडल की गिरफ्तारी के बाद जांच में कई बड़े खुलासे सामने आए हैं। पुलिस की ओर से दर्ज एफआईआर में दावा किया गया है कि हमीम मंडल विदेशी हैंडलर्स के संपर्क में था और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तथा व्हाट्सएप के जरिए पाकिस्तान सहित कई देशों में बैठे लोगों से बातचीत करता था।
पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने हमीम मंडल को पूर्व बर्दवान जिले से गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ी गतिविधियों में शामिल था और विदेशी नेटवर्क के संपर्क में रहकर काम कर रहा था। एफआईआर में उसके संपर्कों, सोशल मीडिया अकाउंट्स और संदिग्ध गतिविधियों का विस्तार से उल्लेख किया गया है।
जांच में सामने आया है कि हमीम मंडल कई विदेशी नंबरों और सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए कथित हैंडलर्स से जुड़ा हुआ था। एफआईआर में छह सोशल मीडिया अकाउंट्स और व्हाट्सएप नंबरों का जिक्र किया गया है। इनमें एक पाकिस्तान से जुड़े नंबर का उल्लेख है, जिसे राणा नाम के व्यक्ति द्वारा संचालित किए जाने का दावा किया गया है।
इसके अलावा एक अन्य नंबर C9 उजैर नाम से चलाए जाने की जानकारी सामने आई है। एफआईआर में अमेरिका के एक नंबर का भी उल्लेख है, जिसे आबिद जट्ट नामक व्यक्ति से जोड़ा गया है। जांच एजेंसियों का कहना है कि इसके अलावा अमेरिका, ब्रिटेन और मैक्सिको के नंबरों से भी संपर्क होने के संकेत मिले हैं।
पुलिस दस्तावेजों के अनुसार, जांच के दौरान एक सोशल मीडिया अकाउंट का भी जिक्र किया गया है, जिसे पाकिस्तान से संचालित किए जाने का दावा किया गया है। एजेंसियां अब इन सभी डिजिटल संपर्कों की जांच कर रही हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपी किन लोगों के संपर्क में था और बातचीत का उद्देश्य क्या था।
जांच में यह भी सामने आया है कि पुलिस ने हमीम मंडल के मोबाइल फोन से कुछ संदिग्ध चैट बरामद की हैं। अधिकारियों के अनुसार, इन चैट्स के आधार पर विदेशी संपर्कों और कथित साजिश से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है।
एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि हमीम मंडल और उसके सहयोगी कथित तौर पर पाकिस्तान में बैठे आकाओं के निर्देश पर काम कर रहे थे। जांच एजेंसियों का दावा है कि यह नेटवर्क स्थानीय लोगों को जोड़ने, हथियारों की व्यवस्था करने, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की जानकारी जुटाने और देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने की कोशिश कर रहा था।
मामले में हमीम मंडल की कथित प्रेमिका अर्पिता सरकार की गिरफ्तारी भी हुई है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, दोनों के बीच सोशल मीडिया के जरिए संपर्क हुआ था। आरोप है कि दोनों एक आपराधिक साजिश में शामिल थे। पुलिस का दावा है कि आरोपी जोड़ी ने एक बड़े राजनीतिक व्यक्ति के परिवार के सदस्य के अपहरण की योजना बनाई थी और इसके जरिए पैसे वसूलने की कोशिश की जा रही थी।
जांच एजेंसियां इस मामले में आतंकी नेटवर्क के विस्तार और इससे जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी हैं। अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को कट्टरपंथी बनाने की कोशिशों पर भी नजर रखी जा रही है।
एसटीएफ की जांच में यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हमीम मंडल को कथित रूप से किस तरह कट्टरपंथी बनाया गया और उसके विदेशी संपर्क कितने पुराने हैं। एजेंसियां डिजिटल सबूतों, चैट रिकॉर्ड और सोशल मीडिया गतिविधियों की गहन जांच कर रही हैं।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी सामने आ सकती है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय मानते हुए हर पहलू की जांच कर रही हैं।