बंगाल में TMC नेता गिरफ्तार, तीन महीने में तीसरी कार्रवाई

Update: 2026-08-02 14:30 GMT

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता और इंदास पंचायत समिति के अध्यक्ष चंदन रक्षित की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। रंगदारी, मारपीट और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर आरोपों में उन्हें तीन महीने के भीतर तीसरी बार गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शुक्रवार रात इंदास थाना क्षेत्र से उन्हें हिरासत में लिया।

पुलिस के अनुसार, एक स्थानीय व्यवसायी की शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि चंदन रक्षित और उनके सहयोगियों ने हथियार दिखाकर दो लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। आरोप है कि जब व्यवसायी ने पैसे देने से इनकार किया तो उसके साथ मारपीट की गई और गले में गमछा कसकर हत्या करने की कोशिश की गई।

शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपों के आधार पर चंदन रक्षित के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया। इसमें रंगदारी मांगने, जान से मारने की धमकी देने, मारपीट करने और हत्या के प्रयास जैसी धाराएं शामिल हैं।

गिरफ्तारी के बाद शनिवार को जब चंदन रक्षित को अदालत में पेशी के लिए ले जाया गया तो उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया और कहा कि उन्हें राजनीतिक दबाव के कारण बार-बार परेशान किया जा रहा है।

चंदन रक्षित ने कहा कि पुलिस के पास कोई विशेष काम नहीं है और सरकार बदलने के बाद अपनी कार्रवाई दिखाने के लिए उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है और यह केवल राजनीतिक उत्पीड़न का हिस्सा है।

यह पहली बार नहीं है जब चंदन रक्षित को रंगदारी के मामले में गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले भी वह दो बार पुलिस कार्रवाई का सामना कर चुके हैं। जानकारी के अनुसार, 20 मई को उन्हें पहली बार रंगदारी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। हालांकि बाद में उन्हें अदालत से जमानत मिल गई थी।

इसके बाद 30 जून को एक अन्य रंगदारी मामले में उन्हें दोबारा गिरफ्तार किया गया था। उस मामले में भी विष्णुपुर अदालत से उन्हें जमानत मिल गई थी। अब एक बार फिर नए मामले में गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और शिकायत में लगाए गए आरोपों की सत्यता की जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, तृणमूल कांग्रेस नेता की गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हो गए हैं। चंदन रक्षित ने इसे बदले की कार्रवाई बताया है, जबकि पुलिस का कहना है कि कार्रवाई शिकायत और जांच के आधार पर की गई है।

बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद कई मामलों में राजनीतिक नेताओं और कार्यकर्ताओं पर पुलिस कार्रवाई हुई है। ऐसे में चंदन रक्षित की लगातार तीसरी गिरफ्तारी ने राज्य की राजनीति में एक बार फिर हलचल पैदा कर दी है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

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