कोलकाता। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के उस आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही है। दिल्ली में INDIA गठबंधन की बैठक में शामिल होने के बाद कोलकाता लौटीं ममता बनर्जी ने एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान CJP के साथ-साथ युवा पीढ़ी और छात्रों के समर्थन की बात कही।
ममता बनर्जी ने कहा कि वह CJP, युवा पीढ़ी और छात्रों का पूरा समर्थन कर रही हैं। उन्होंने मौजूदा घटनाक्रम को लेकर अपनी चिंता भी जाहिर की। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना आंदोलन तेज कर दिया है और दिल्ली तथा मुंबई सहित विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन हुए हैं।
CJP का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। संगठन ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। ये आरोप CJP की ओर से लगाए गए हैं; चुनाव आयोग और सरकार ने चुनावी प्रक्रिया में पक्षपात या गड़बड़ी के आरोपों से इनकार किया है।
ममता बनर्जी का बयान राजनीतिक रूप से इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह दिल्ली में INDIA गठबंधन की बैठक में हिस्सा लेने के बाद कोलकाता पहुंची थीं। विपक्षी गठबंधन की बैठक में भी चुनावी प्रक्रिया और SIR से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए। विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अपनी मांगों को आगे बढ़ाने की बात कही है।
CJP ने 2 अक्टूबर से अपने आंदोलन को व्यापक रूप देने की घोषणा की थी। मुंबई के शिवाजी पार्क में संगठन की ओर से प्रदर्शन किया गया। इसके साथ दिल्ली में भी मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। CJP का कहना है कि उसका अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक उसकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती।
मुंबई में हुए प्रदर्शन के बाद CJP नेता अभिजीत दीपके ने आंदोलन के अगले चरण की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि अगर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं तो 10 अक्टूबर को देशभर से समर्थक दिल्ली पहुंचकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे। संगठन ने इस प्रस्तावित आंदोलन को शांतिपूर्ण रखने की बात कही है।
ममता बनर्जी की ओर से समर्थन मिलने के बाद CJP के आंदोलन को एक प्रमुख विपक्षी नेता का सार्वजनिक समर्थन मिल गया है। हालांकि CJP का आंदोलन और विपक्षी दलों की राजनीतिक रणनीति अलग-अलग मंचों से संचालित हो रही है, लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर दोनों की मांगों में समानता दिखाई दे रही है।
ममता बनर्जी इससे पहले भी CJP के एक आंदोलन के प्रति समर्थन जता चुकी हैं। अगस्त में दिल्ली के जंतर-मंतर पर मेडिकल प्रवेश परीक्षा से जुड़ी कथित अनियमितताओं को लेकर हुए CJP के प्रदर्शन के समय भी उन्होंने संगठन के प्रति समर्थन व्यक्त किया था।
अब एक बार फिर उन्होंने संगठन के मौजूदा आंदोलन का समर्थन किया है। कोलकाता एयरपोर्ट पर दिए उनके बयान में खास तौर पर युवाओं और छात्रों का जिक्र किया गया। उन्होंने कहा कि उनका समर्थन CJP के साथ युवा पीढ़ी और छात्रों को भी है।
दूसरी तरफ CJP ने अपने आंदोलन को केवल दिल्ली और मुंबई तक सीमित नहीं रखने की घोषणा की है। संगठन ने अलग-अलग शहरों में कार्यक्रम आयोजित करने और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर अभियान जारी रखने की बात कही है। संगठन ने स्वतंत्र जांच और चुनावी प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता जैसी मांगें भी सामने रखी हैं।
इस पूरे विवाद के केंद्र में SIR और मतदाता सूचियों में बदलाव का मुद्दा है। CJP और कुछ विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि इस प्रक्रिया से पात्र मतदाता प्रभावित हुए हैं। इन आरोपों को लेकर चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए गए हैं। वहीं चुनाव आयोग ने चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोपों को खारिज किया है।
दिल्ली में INDIA गठबंधन की बैठक में भी विपक्षी दलों ने चुनावी मुद्दों पर संयुक्त रणनीति पर चर्चा की। बैठक के बाद ममता बनर्जी का CJP के पक्ष में आया बयान इस मुद्दे पर बढ़ती राजनीतिक गतिविधियों का संकेत देता है।
CJP की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के अलावा SIR प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच की मांग भी उठाई गई है। संगठन ने चुनाव आयोग से जुड़े दस्तावेजों और प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की है। ये CJP की राजनीतिक और संस्थागत मांगें हैं, जिन पर अंतिम निर्णय संबंधित संवैधानिक और कानूनी प्रक्रियाओं के तहत ही हो सकता है।
मुंबई में 2 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन के बाद आंदोलन को अगले चरण में ले जाने की घोषणा ने इस मुद्दे को और चर्चा में ला दिया है। अभिजीत दीपके ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया है।
अब ममता बनर्जी के खुले समर्थन के बाद CJP के आंदोलन और विपक्षी दलों की आगामी रणनीति पर नजर रहेगी। एक तरफ CJP ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर अपना अभियान आगे बढ़ा रही है, वहीं विपक्षी गठबंधन भी चुनावी प्रक्रिया और SIR से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक मंच पर उठा रहा है।
फिलहाल मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग को लेकर शुरू हुआ विवाद राजनीतिक बहस का प्रमुख मुद्दा बनता जा रहा है। ममता बनर्जी ने कोलकाता एयरपोर्ट से CJP, युवाओं और छात्रों को अपना समर्थन देकर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है, जबकि CJP ने आंदोलन जारी रखने और 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन करने की घोषणा की है।