कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने गोरखालैंड टेरिटोरियल एडमिनिस्ट्रेशन (GTA) में कथित भ्रष्टाचार को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि भ्रष्टाचार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद पहाड़ी क्षेत्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
शुभेंदु अधिकारी ने GTA से जुड़े मामलों पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि सरकारी धन का गलत इस्तेमाल और किसी भी तरह की वित्तीय अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को पूरे मामले की गंभीरता से जांच करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि अगर जांच में कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
GTA में भ्रष्टाचार के आरोपों पर सरकार सख्त
दरअसल, दार्जिलिंग और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में GTA की कार्यप्रणाली को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। विभिन्न संगठनों और नेताओं की ओर से आरोप लगाए जाते रहे हैं कि विकास कार्यों और फंड के इस्तेमाल में पारदर्शिता की कमी रही है।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इन आरोपों पर संज्ञान लेते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य पहाड़ी क्षेत्रों का विकास करना है और इसके लिए भेजे गए हर पैसे का सही इस्तेमाल होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता के पैसों में किसी भी तरह की गड़बड़ी करने वालों पर कार्रवाई तय है।
उन्होंने यह भी कहा कि विकास योजनाओं में किसी तरह की लापरवाही या भ्रष्टाचार सामने आने पर जांच कर दोषियों को सजा दिलाई जाएगी। सरकार की ओर से प्रशासनिक निगरानी को और मजबूत करने की बात भी कही गई है।
‘दोषियों को जाना होगा जेल’
मुख्यमंत्री ने अपने बयान में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि चाहे कोई भी व्यक्ति कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, अगर वह सरकारी धन के दुरुपयोग में शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
सरकार का कहना है कि GTA क्षेत्र में विकास कार्यों को तेज करने के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। ऐसे में धन के दुरुपयोग को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
नेपाल त्रासदी पर भी बोले शुभेंदु अधिकारी
GTA मामले के अलावा मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नेपाल में हुई त्रासदी को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पड़ोसी देश में प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि संकट की घड़ी में मानवीय सहायता और सहयोग सबसे जरूरी है।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं में लोगों की सुरक्षा और राहत कार्यों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। नेपाल जैसे पड़ोसी देश के साथ भारत के संबंध हमेशा सहयोग और समर्थन के रहे हैं।
नेपाल में आई आपदा के बाद राहत और बचाव कार्यों को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। भारत की ओर से भी समय-समय पर पड़ोसी देशों को आपदा के समय सहायता उपलब्ध कराई जाती रही है।
विकास और पारदर्शिता पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं बल्कि उन्हें सही तरीके से जमीन पर लागू करना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विकास कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए और इसके लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। लेकिन अगर विकास के नाम पर भ्रष्टाचार किया जाएगा तो ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक हलचल बढ़ी
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद विपक्ष और स्थानीय राजनीतिक दलों की नजर अब सरकार के अगले कदम पर है। GTA को लेकर पहले भी कई बार राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप होते रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार की सख्ती आने वाले समय में पहाड़ी राजनीति को प्रभावित कर सकती है। वहीं जनता भी उम्मीद कर रही है कि जांच के बाद वास्तविक स्थिति सामने आएगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी।
फिलहाल मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के सख्त बयान से साफ है कि सरकार GTA से जुड़े वित्तीय मामलों को लेकर कोई नरमी बरतने के मूड में नहीं है। अब सभी की नजर जांच प्रक्रिया और उसके परिणामों पर टिकी हुई है।