कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राज्यसभा सांसद **मोहम्मद नदीमुल हक** से जुड़े एक उर्दू अखबार मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। ED ने सांसद से जुड़े परिसरों और अखबार के ठिकानों पर 24 घंटे से ज्यादा समय तक तलाशी अभियान चलाया। जांच एजेंसी का दावा है कि शुरुआती जांच में करीब **60 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन और वित्तीय अनियमितताओं** से जुड़े तथ्य सामने आए हैं।
ED की कार्रवाई के बाद अब जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि यह पैसा कहां से आया, किन माध्यमों से इसका लेन-देन हुआ और क्या इसमें किसी तरह की मनी लॉन्ड्रिंग या अवैध फंडिंग का कनेक्शन है।
24 घंटे तक चली ED की छापेमारी
प्रवर्तन निदेशालय ने सोमवार को इस मामले में कई स्थानों पर एक साथ कार्रवाई शुरू की थी। अधिकारियों के मुताबिक, कोलकाता के अलावा दिल्ली और रांची में भी तलाशी अभियान चलाया गया। जांच के दौरान अखबार के कार्यालय, सांसद से जुड़े परिसरों और अन्य संबंधित ठिकानों पर दस्तावेजों की जांच की गई।
तलाशी अभियान देर रात तक जारी रहा और करीब 24 घंटे से ज्यादा समय तक ED की टीम रिकॉर्ड खंगालती रही। इस दौरान अधिकारियों ने बैंक लेन-देन, वित्तीय दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच की।
60 करोड़ रुपये के लेन-देन पर उठे सवाल
ED अधिकारियों के अनुसार, जांच में करीब 60 करोड़ रुपये के ऐसे लेन-देन सामने आए, जिनमें कथित तौर पर कुछ वित्तीय विसंगतियां मिली हैं। एजेंसी अब इन पैसों के स्रोत और इस्तेमाल की जांच कर रही है।
जांच एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इन लेन-देन से जुड़े सभी दस्तावेज मौजूद हैं या नहीं। अगर किसी भी तरह की अनियमितता साबित होती है तो आगे कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
अखबार से जुड़ा है पूरा मामला
यह मामला **‘अखबार-ए-मशरिक’** नाम के उर्दू दैनिक से जुड़ा बताया जा रहा है। ED की जांच इस बात पर केंद्रित है कि अखबार के संचालन में वित्तीय लेन-देन किस तरह हुए और क्या किसी संदिग्ध स्रोत से धन प्राप्त किया गया।
जांच एजेंसी ने कथित तौर पर संदिग्ध फंडिंग, बेहिसाब नकद लेन-देन और अन्य वित्तीय पहलुओं को जांच के दायरे में रखा है।
सांसद नदीमुल हक से भी हुई पूछताछ
कार्रवाई के दौरान TMC सांसद नदीमुल हक से भी पूछताछ की गई। रिपोर्ट्स के अनुसार, ED अधिकारियों ने उनसे अखबार से जुड़े वित्तीय मामलों और लेन-देन को लेकर जानकारी मांगी।
हालांकि, जांच अभी शुरुआती चरण में है और एजेंसी की ओर से अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
डिजिटल रिकॉर्ड और दस्तावेज खंगाले गए
ED की टीम ने तलाशी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों और डिजिटल सामग्री की जांच की। इनमें बैंक रिकॉर्ड, वित्तीय हिसाब-किताब और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डेटा शामिल बताए जा रहे हैं।
जांच एजेंसी इन रिकॉर्ड के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पैसों का लेन-देन किस उद्देश्य से किया गया था।
हवाला और संदिग्ध फंडिंग की भी जांच
ED अधिकारियों के मुताबिक, जांच में यह भी देखा जा रहा है कि कहीं कुछ रकम हवाला या अन्य अनौपचारिक माध्यमों से तो नहीं भेजी गई। एजेंसी हर उस पहलू की जांच कर रही है जिससे वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि हो सके।
अगर जांच में किसी तरह की अवैध गतिविधि सामने आती है तो संबंधित लोगों पर कार्रवाई हो सकती है।
राजनीतिक हलचल तेज
TMC सांसद से जुड़े मामले में ED की कार्रवाई के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। विपक्ष ने इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई बताया है, जबकि सत्तारूढ़ दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो सकता है।
हालांकि, ED की कार्रवाई जांच प्रक्रिया का हिस्सा है और किसी भी व्यक्ति की जिम्मेदारी जांच पूरी होने के बाद ही तय होगी।
ED की जांच अभी जारी
फिलहाल प्रवर्तन निदेशालय ने मामले में शुरुआती जांच के आधार पर कार्रवाई की है। बरामद दस्तावेजों और रिकॉर्ड की विस्तृत जांच के बाद ही आगे की स्थिति साफ होगी।
जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि 60 करोड़ रुपये के कथित लेन-देन में कोई नियमों का उल्लंघन हुआ है या नहीं।
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