West Bengal पश्चिम बंगाल: पुरुलिया जिले में हाल ही में प्रवासी मजदूर सुखेन महतो की मौत ने राज्य में सामाजिक और राजनीतिक बहस को जन्म दिया है। इस मामले पर भाजपा के राज्य अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की नीतियों पर सवाल उठाए।
भट्टाचार्य ने कहा, “यदि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में किसानों की आय तीन गुना बढ़ गई है, जैसा कि सरकार दावा करती है, तो फिर यह समझ नहीं आता कि गाँव के युवा दूसरी राज्यों में रोजगार क्यों तलाशने को मजबूर हैं। यह स्पष्ट रूप से दिखाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त अवसर और समुचित आर्थिक विकास नहीं हो पा रहा है।”
भट्टाचार्य का यह बयान विशेष रूप से उस समय आया जब प्रदेश में युवाओं के पलायन और रोजगार की कमी को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री द्वारा किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए उठाए गए कदम, असल में युवाओं के रोजगार और आजीविका के मुद्दों को हल नहीं कर पा रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह बयान भाजपा की तरफ से राज्य सरकार पर बढ़ते दबाव और युवा बेरोजगारी के मुद्दे को उभारने की रणनीति का हिस्सा माना जा सकता है।
समिक भट्टाचार्य ने कहा कि राज्य सरकार को युवाओं के लिए स्थायी रोजगार सृजित करना चाहिए और उन्हें दूसरी राज्यों में पलायन करने की नौबत नहीं आने देनी चाहिए। उन्होंने पुरुलिया और अन्य जिलों में युवा रोजगार, प्रशिक्षण और कृषि आधारित उद्योगों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया। भट्टाचार्य ने यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा इस मामले को लेकर संपूर्ण जांच और पारदर्शिता की मांग करती है और प्रवासी मजदूरों के हक और सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।