UP : करंट लगने से युवती की मौत, एंबुलेंस न मिलने पर पिता शव को ई-रिक्शा में लेकर भटके
Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: चौहड़पुर माफी गांव में खेत की सिंचाई के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जिसमें करंट की चपेट में आने से एक युवती की मौत हो गई। मृतका की पहचान निशा के रूप में हुई है। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक का माहौल फैल गया।
जानकारी के अनुसार, निशा अपने खेत में सिंचाई का काम कर रही थी, तभी पास लगे एक खंभे में उतर रहे करंट की चपेट में आ गई। करंट लगते ही वह मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़ी। परिजन तुरंत उसे नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
डॉक्टरों द्वारा मौत की पुष्टि के बावजूद परिजन इस बात को मानने को तैयार नहीं थे। परिवार को उम्मीद थी कि बेटी अभी जीवित हो सकती है। इसी उम्मीद में परिजन उसे बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाने की कोशिश करने लगे।
मृतका के पिता राजपाल ने आरोप लगाया कि उन्होंने एंबुलेंस बुलाने के लिए टोल फ्री नंबर पर कई बार संपर्क किया। बताया जा रहा है कि उन्होंने लगभग नौ बार कॉल किया, लेकिन किसी भी ओर से कोई जवाब नहीं मिला। एंबुलेंस सेवा से सहायता न मिलने के कारण परिवार को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इसके बाद परिजन मजबूरी में युवती के शव को ई-रिक्शा में रखकर निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां भी डॉक्टरों ने जांच के बाद निशा को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिवार को यह स्पष्ट हो गया कि उनकी बेटी की मौत हो चुकी है।
घटना के बाद परिजनों का आरोप है कि यदि समय पर एंबुलेंस मिल जाती, तो शायद स्थिति को बेहतर तरीके से संभाला जा सकता था। उन्होंने प्रशासन और स्वास्थ्य सेवाओं पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
निजी अस्पताल से पुष्टि के बाद परिजन बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के शव को वापस घर ले आए। इस दौरान गांव में भीड़ एकत्र हो गई और माहौल गमगीन हो गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर आपातकालीन एंबुलेंस सेवा की उपलब्धता को लेकर। लोगों ने मांग की है कि ऐसी घटनाओं की जांच की जाए और जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो।
वहीं, मामले की जानकारी मिलने के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम और आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए लेकर जाने की तैयारी की जा रही है।
यह हादसा गांव में शोक और आक्रोश दोनों का कारण बना हुआ है, जहां एक तरफ परिवार अपनी बेटी को खोने के गम में डूबा है, वहीं दूसरी ओर एंबुलेंस सेवा की कथित लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं।