Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को राज्य के पंचायत विभाग की कार्यप्रणाली और ग्रामीण विकास योजनाओं की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक का उद्देश्य पंचायत स्तर पर प्रशासनिक सुधारों को तेज करना, विकास योजनाओं के क्रियान्वयन की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और ग्रामीण जनता तक सरकारी सुविधाओं का बेहतर वितरण सुनिश्चित करना था। मुख्यमंत्री ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में सभी योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को यह भी कहा कि पंचायतों में पारदर्शिता, जवाबदेही और डिजिटल व्यवस्थाओं को मजबूत किया जाए। बैठक में अधिकारियों को पंचायत सचिवालयों की कार्यप्रणाली, बजट उपयोग और ग्राम स्तर पर विकास परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तृत ब्रीफिंग दी गई।
योगी आदित्यनाथ ने ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं की गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी योजनाओं में जनता की भागीदारी सुनिश्चित की जाए और पंचायतों को स्थानीय स्तर पर निर्णय लेने की क्षमता दी जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से यह भी कहा कि ग्राम पंचायतों को स्मार्ट बनाने के लिए डिजिटल उपकरणों और ई-गवर्नेंस प्रणाली का व्यापक उपयोग किया जाए। बैठक में उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं की ताकत बढ़ाने, ग्राम स्तर पर विकास कार्यों की मॉनिटरिंग और शिकायत निवारण तंत्र को प्रभावी बनाने पर जोर दिया। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि सभी विभागीय अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों को एक टीम भावना के साथ काम करना चाहिए ताकि योजनाओं का लाभ समय पर और सही तरीके से लोगों तक पहुंच सके।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे समीक्षा और मूल्यांकन प्रक्रिया को नियमित रूप से लागू करें, ताकि किसी भी प्रकार की देरी या कार्य में गड़बड़ी तुरंत सुधारी जा सके। उन्होंने ग्रामीण रोजगार और सामाजिक कल्याण योजनाओं की गति बढ़ाने के लिए भी नए कदम उठाने की जरूरत पर बल दिया। बैठक में पंचायती राज विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जिला कलेक्टर और अन्य संबंधित विभागों के प्रमुख शामिल थे। उन्होंने मुख्यमंत्री को पंचायतों में चल रही विकास परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, वित्तीय प्रगति और आने वाले महीनों में कार्यान्वयन की रणनीति के बारे में जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत विभाग उत्तर प्रदेश की नींव है, और ग्रामीण विकास में इसकी भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पंचायतों को सिर्फ प्रशासनिक इकाई के रूप में नहीं, बल्कि ग्रामीण जनता की आवाज और उनकी समस्याओं का समाधान केंद्र के रूप में देखा जाना चाहिए। इस बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे ग्रामीण विकास के हर पहलू पर नज़र रखें और योजनाओं की सफलता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर मॉनिटरिंग करें। उन्होंने यह भी कहा कि आगामी वर्षों में पंचायत विभाग को और अधिक सक्षम, जवाबदेह और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए नई पहल की जाएंगी। राज्य सरकार का मानना है कि पंचायत स्तर पर पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही बढ़ाने से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की गति और गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा। मुख्यमंत्री की यह बैठक यूपी में पंचायत सुधार और ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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