पुलिस के अनुसार, युवक की हत्या के बाद शव के घाव में जिंदा कारतूस डालने की घटना ने इस केस को और जटिल बना दिया था। पुलिस ने बताया कि जब शव का पोस्टमॉर्टम किया गया, तो डॉक्टरों ने देखा कि शरीर के भीतर एक जिंदा कारतूस था, जो किसी ने जानबूझकर घाव में डाल दिया था। यह ना केवल हत्या के बाद की गई क्रूरता का सबूत था, बल्कि यह यह भी संकेत था कि अपराधियों का मकसद केवल हत्या नहीं, बल्कि शव को शारीरिक रूप से अधिक अपमानित करना था।
इस घटना का खुलासा होते ही पुलिस ने जांच शुरू की और इस जघन्य अपराध के पीछे का कारण जानने की कोशिश की। पुलिस को यह पता चला कि युवक के साथ व्यक्तिगत दुश्मनी थी और हत्या के बाद उसके शरीर को अपमानित करने का उद्देश्य यह था कि मामले की जांच को और जटिल बनाया जाए।
युवक की हत्या में शामिल आरोपी ने हत्या के बाद शव को इस तरह से छोड़ दिया था कि यह मामला पहले तो सामान्य हत्या का लगे, लेकिन जिंदा कारतूस का होना पुलिस के लिए एक बड़ा संकेत था कि इस अपराध के पीछे कुछ और था। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी और तकनीकी मदद का सहारा लिया।
इस जघन्य घटना ने यह सवाल भी उठाया कि अपराधी अब कितने नृशंस तरीके से अपराधों को अंजाम दे रहे हैं। पुलिस अब इस मामले में आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है, और इसे एक संदेश के रूप में लिया जा रहा है कि इस तरह के अपराधों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पुलिस का मानना है कि इस हत्या के पीछे कोई गहरी साजिश हो सकती है और जल्दी ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस घटना ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है और इसने यह साबित कर दिया है कि अपराधी किस हद तक जा सकते हैं।