कारोबारी हत्याकांड में नया मोड़ पूर्व प्रेस क्लब अध्यक्ष से जुड़ा कनेक्शन आया सामने
कानपुर मर्डर केस में खुलासा
कानपुर : काकादेव इलाके में हुए कारोबारी हत्याकांड की जांच में नया मोड़ सामने आया है। पुलिस जांच में पता चला है कि कारोबारी अमित गुप्ता की हत्या के आरोपी हिस्ट्रीशीटर संजय ढाबा ने वारदात से पहले और बाद में पूर्व प्रेस क्लब अध्यक्ष अवनीश दीक्षित से फोन पर बातचीत की थी। पुलिस ने कॉल डिटेल के आधार पर इस कड़ी की जांच शुरू कर दी है। आरोपी संजय ढाबा के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल में पूर्व प्रेस क्लब अध्यक्ष से बातचीत की जानकारी मिली है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि दोनों के बीच बातचीत किस संबंध में हुई थी और क्या इसका हत्याकांड से कोई संबंध है।
बीच सड़क विवाद के बाद हुई थी हत्या
काकादेव थाना क्षेत्र में कारोबारी अमित गुप्ता की हत्या ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। पुलिस के मुताबिक, पांच सितंबर की रात कारोबारी घर लौट रहे थे। इसी दौरान ओम चौराहे के पास कार सवार युवकों से उनका विवाद हुआ था। आरोप है कि युवकों ने बीच सड़क पर पेशाब करने से रोकने पर कारोबारी से झगड़ा किया और इसके बाद ईंट से हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी।
सीसीटीवी से हुई आरोपियों की पहचान
घटना के बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की। फुटेज के आधार पर पुलिस ने कई संदिग्धों की पहचान की। जांच में हिस्ट्रीशीटर संजय चौहान उर्फ संजय ढाबा समेत अन्य आरोपियों के नाम सामने आए। पुलिस ने बताया कि संजय ढाबा को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में उससे कई अहम जानकारियां मिलने का दावा किया गया है।
पूर्व प्रेस क्लब अध्यक्ष की भूमिका की जांच
पुलिस अब पूर्व प्रेस क्लब अध्यक्ष अवनीश दीक्षित की भूमिका की भी जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, उनके मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल भी खंगाली जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह किन लोगों के संपर्क में थे। हालांकि पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि बातचीत का हत्याकांड से सीधा संबंध था या नहीं। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की पड़ताल कर रही है।
केस डायरी में शामिल हुआ नाम
जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने अवनीश दीक्षित का नाम केस डायरी में शामिल किया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कारोबारी हत्याकांड के बाद पुलिस लगातार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और घटना के पीछे की पूरी साजिश का पता लगाने में जुटी है। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर और खुलासे होने की संभावना है।