लखनऊ। दिल्ली से लखनऊ आ रही इंडिगो की एक फ्लाइट गुरुवार रात लैंडिंग के समय अचानक तेज हवा के झोंके की चपेट में आ गई। रनवे के करीब पहुंचते समय हवा के दबाव के कारण विमान हल्का डगमगा गया। स्थिति को भांपते हुए पायलट ने तुरंत सूझबूझ का परिचय दिया और विमान को दोबारा हवा में उठा लिया। इस घटना के दौरान विमान में सवार यात्रियों में डर का माहौल बन गया। कुछ यात्री घबरा गए और चीखने लगे।
जानकारी के मुताबिक, इंडिगो की फ्लाइट दिल्ली से लखनऊ के लिए रवाना हुई थी। उड़ान सामान्य तरीके से पूरी होने के बाद विमान लखनऊ एयरपोर्ट पर उतरने की तैयारी कर रहा था। जैसे ही विमान रनवे के पास पहुंचा, उसी दौरान तेज हवा के झोंके का सामना करना पड़ा। हवा की दिशा और गति में अचानक बदलाव के कारण विमान लैंडिंग के समय असंतुलित होने लगा।
पायलट ने स्थिति की गंभीरता को तुरंत समझ लिया। सुरक्षित लैंडिंग को प्राथमिकता देते हुए पायलट ने विमान को रनवे पर उतारने के बजाय दोबारा ऊपर उठा लिया। इस प्रक्रिया को एविएशन की भाषा में गो-अराउंड कहा जाता है। इसमें पायलट किसी कारण से सुरक्षित लैंडिंग संभव नहीं होने पर विमान को फिर से ऊंचाई पर ले जाता है और दोबारा लैंडिंग का प्रयास करता है।
विमान के अचानक ऊपर उठने से यात्रियों में अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई। कई यात्री डर गए और कुछ लोगों ने घबराहट में शोर मचाना शुरू कर दिया। हालांकि, पायलट ने विमान पर पूरी तरह नियंत्रण बनाए रखा और यात्रियों को सुरक्षित रखने के लिए यह कदम उठाया।
इसके बाद विमान ने आसमान में कुछ देर तक चक्कर लगाया और मौसम की स्थिति सामान्य होने का इंतजार किया। बाद में पायलट ने दोबारा लैंडिंग की कोशिश की और विमान को सुरक्षित तरीके से रनवे पर उतार लिया गया। विमान के सभी यात्री सुरक्षित रहे।
बताया जा रहा है कि लखनऊ एयरपोर्ट पर पिछले दस दिनों में तेज हवा के कारण लैंडिंग में परेशानी का यह दूसरा मामला सामने आया है। इससे पहले 8 सितंबर को भी तिरछी हवाओं के कारण एयर इंडिया के एक विमान को पहली कोशिश में सफलता नहीं मिली थी और उसे दोबारा लैंडिंग करनी पड़ी थी। उस समय विमान में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी मौजूद थे।
एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान तेज हवा और मौसम की परिस्थितियां कई बार चुनौती पैदा कर देती हैं। ऐसे हालात में पायलट हवा की गति, दिशा और रनवे की स्थिति को ध्यान में रखते हुए फैसला लेते हैं। सुरक्षा मानकों के तहत यदि लैंडिंग जोखिम भरी लगती है तो पायलट विमान को दोबारा ऊपर ले जाकर सुरक्षित तरीके से उतरने का प्रयास करते हैं।
एविएशन विशेषज्ञों के अनुसार, गो-अराउंड कोई असामान्य घटना नहीं है, बल्कि यह पायलटों की सुरक्षा प्रक्रिया का हिस्सा है। खराब मौसम, तेज हवा, रनवे पर बाधा या लैंडिंग के दौरान किसी भी तरह की असुविधा होने पर पायलट यात्रियों की सुरक्षा के लिए यह निर्णय लेते हैं।
गुरुवार रात हुई घटना के बाद यात्रियों में कुछ समय के लिए डर जरूर रहा, लेकिन पायलट की सतर्कता से विमान सुरक्षित रूप से लैंड कर गया। एयरपोर्ट संचालन से जुड़े अधिकारियों ने भी इस तरह की परिस्थितियों में सुरक्षा को सबसे ज्यादा प्राथमिकता देने की बात कही है।
लखनऊ में मौसम और हवा की स्थिति को देखते हुए आने वाले दिनों में भी विमान संचालन पर नजर रखी जा रही है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे उड़ान से पहले मौसम और फ्लाइट अपडेट की जानकारी लेते रहें।