बड़े पद के लिए बड़ी दावेदारी राम मंदिर CEO इंटरव्यू में शामिल हुए अधिकारी
CEO पद का इंटरव्यू
अयोध्या : निर्माणाधीन श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से जुड़ी व्यवस्थाओं के लिए प्रस्तावित CEO पद को लेकर चयन प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। इस पद के लिए हुए फाइनल इंटरव्यू राउंड में कुल 16 उम्मीदवारों ने हिस्सा लिया, जिनमें IAS, IPS और सेना से जुड़े अधिकारी भी शामिल रहे। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से CEO पद के लिए योग्य उम्मीदवारों की तलाश की जा रही है। इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए प्रशासनिक अनुभव, प्रबंधन क्षमता और बड़े स्तर पर संस्थानों को संचालित करने की योग्यता रखने वाले अधिकारियों को प्राथमिकता दी जा रही है।
16 उम्मीदवारों का हुआ अंतिम इंटरव्यू
जानकारी के मुताबिक, CEO पद के लिए बड़ी संख्या में आवेदन आए थे। प्रारंभिक चयन प्रक्रिया के बाद कुछ उम्मीदवारों को आगे बढ़ाया गया और अंतिम चरण के इंटरव्यू के लिए 16 नाम चुने गए। इनमें केंद्र और राज्य सेवाओं से जुड़े अधिकारी भी शामिल थे। फाइनल राउंड में पहुंचे उम्मीदवारों में करीब 8 अधिकारी ऐसे थे, जिनका संबंध IAS, IPS या सेना जैसी सेवाओं से रहा है। इनके अलावा निजी क्षेत्र और अन्य प्रशासनिक अनुभव वाले उम्मीदवारों ने भी प्रक्रिया में हिस्सा लिया।
CEO की होगी अहम जिम्मेदारी
राम मंदिर CEO का पद काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चयनित अधिकारी को मंदिर परिसर की प्रशासनिक व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधाएं, प्रबंधन, सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय और भविष्य की योजनाओं को व्यवस्थित करने की जिम्मेदारी संभालनी होगी। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के साथ ही श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। ऐसे में मंदिर से जुड़ी व्यवस्थाओं को आधुनिक तरीके से संचालित करने के लिए अनुभवी अधिकारी की जरूरत महसूस की जा रही है।
प्रशासनिक अनुभव को दी जा रही प्राथमिकता
ट्रस्ट की ओर से ऐसे व्यक्ति की तलाश की जा रही है, जो बड़े संस्थान के संचालन, कर्मचारियों के प्रबंधन और विभिन्न विभागों के बीच तालमेल बनाने में सक्षम हो। IAS और IPS अधिकारियों के पास प्रशासनिक व्यवस्था संभालने का अनुभव होता है, जबकि सेना से जुड़े अधिकारियों के पास अनुशासन, प्रबंधन और बड़े ऑपरेशन को संचालित करने का अनुभव माना जाता है।
जल्द हो सकता है अंतिम चयन
फाइनल इंटरव्यू के बाद उम्मीदवारों के अनुभव, योग्यता और प्रस्तुति के आधार पर चयन प्रक्रिया पूरी की जाएगी। हालांकि अंतिम निर्णय श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से लिया जाएगा। राम मंदिर के निर्माण और संचालन से जुड़ी गतिविधियां बढ़ने के साथ CEO पद को लेकर देशभर में रुचि देखी जा रही है। आने वाले समय में इस पद पर नियुक्ति के बाद मंदिर प्रशासन की नई व्यवस्था शुरू होने की उम्मीद है।