गोरखपुर उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के दक्षिणांचल क्षेत्र में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर विकास कार्य चल रहे हैं। करीब 177 करोड़ रुपये की लागत से बन रही तीन प्रमुख सड़कों का निर्माण दशहरा से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इन सड़कों के तैयार होने से क्षेत्र के लाखों लोगों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलेगी।

लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ओर से करीब 45 किलोमीटर लंबी सड़कों को टू-लेन में तब्दील किया जा रहा है। विभाग ने निर्माण कार्य को तेज कर दिया है ताकि तय समय सीमा के भीतर परियोजनाओं को पूरा किया जा सके।
तीन प्रमुख मार्गों का हो रहा कायाकल्प
दक्षिणांचल की जिन प्रमुख सड़कों का निर्माण चल रहा है, उनमें गोरखपुर-खजनी-सिकरीगंज मार्ग, महदेवा-दुधरा-सोपरा मार्ग और भीटी-बांसगांव-गोला मार्ग शामिल हैं। इन तीनों परियोजनाओं पर कुल 177 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की जा रही है। गोरखपुर-खजनी-सिकरीगंज मार्ग के करीब 13 किलोमीटर हिस्से का काम लगभग पूरा हो चुका है। इस परियोजना पर करीब 60.59 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। वहीं महदेवा-दुधरा-सोपरा मार्ग का निर्माण भी अंतिम चरण में पहुंच चुका है।
दशहरा से पहले मिलेगी राहत
इन सड़कों के बनने से दक्षिणांचल के ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन आसान होगा। खराब और संकरी सड़कों के कारण लोगों को लंबे समय से परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। नई टू-लेन सड़क बनने से वाहन चालकों को जाम और गड्ढों से राहत मिलने की उम्मीद है। सड़कें बेहतर होने से किसानों, व्यापारियों और आम यात्रियों को भी फायदा मिलेगा। बाजारों तक पहुंच आसान होगी और क्षेत्रीय विकास को गति मिलने की संभावना है।
भीटी-बांसगांव-गोला मार्ग पर भी तेजी
भीटी-बांसगांव-गोला मार्ग के एक हिस्से को भी टू-लेन बनाया जा रहा है। इस परियोजना की लागत करीब 81 करोड़ रुपये है और निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। विभाग का लक्ष्य इसे भी निर्धारित समय में पूरा करना है। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार, सभी निर्माणाधीन सड़कों को गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
क्षेत्र के विकास को मिलेगी नई रफ्तार
गोरखपुर के दक्षिणांचल में सड़क नेटवर्क मजबूत होने से शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार जैसी सुविधाओं तक लोगों की पहुंच आसान होगी। बेहतर कनेक्टिविटी से ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। प्रशासन का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद दक्षिणांचल क्षेत्र विकास के नए रास्ते पर आगे बढ़ेगा।
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