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जनता से रिश्ता वेबडेस्क। लखनऊ शहर को 100 करोड़ से सजाया संवारा जाएगा। स्मार्ट सिटी के तहत आए बजट से कई अनूठी परियोजनाएं शुरू होने वाली हैं जो मौजूदा शहर की तस्वीर बदल देंगी। जैसे, जनेश्वर मिश्र पार्क में 4-डी यानी चार आयामों वाला मल्टीमीडिया शो होगा। इसमें खास किस्म की कुर्सियां लगाई जाएंगी। यदि शो में पानी की धार बहती है तो कुछ नन्हीं बूंदें देखने वाले पर भी पड़ेंगी। कुर्सी 48 सीटों वाली मोशन चेयर भी शो के साथ थोड़ा इधर उधर होगी।

पूरा शो पानी की स्क्रीन पर चलेगा। तैयारी है कि देश के टॉप तीन में यह परियोजना शुमार हो। इसके साथ सबसे ज्यादा दर्शकों वाले पर्यटक स्थलों और पार्कों का चयन किया जा रहा है। 'हैरिटेज क्लस्टर' में तीन धरोहर और पार्कों का एक कॉरीडोर बनाया जाएगा। इसमें लाइटिंग और आकर्षक पेड़ पौधे होंगे। फसाड लाइटों के खास क्रम में इनको रोशन किया जा रहा है। 12 चौराहे और चुने गए हैं जिनको आईटीएमएस से जोड़ा जाएगा। इन चौराहों पर लाल बत्ती नियम तोड़ने वालों को पहचानने के सेंसर, जन उद्घोषण प्रणाली, गति नियंत्रण कैमरे और सेंसर लगाए जाएंगे। चौराहों के नाम पर अंतिम मोहर कमिश्नर डॉ. रोशन जैकब को लगानी है। स्मार्ट सिटी के काफी समय से पड़े हुए बजट का उपयोग करने के लिए कई घंटे चली बैठक के बाद कमिश्नर ने इन परियोजनाओं का खाका तैयार किया है। अधिकारियों को सख्त निर्देश हैं कि तय समय के भीतर सभी परियोजनाओं को पूरा करना होगा। पहले से चल रहे 27 वाईफाई के अलावा नए हॉटस्पॉट बनाए जाएंगे।
लोकेशन के आधार पर नगर निगम कर्मचारियों की हाजिरी
नगर निगम की व्यवस्था कार्पोरेट समूह की तरह डिजिटल की जानी है। इसमें लोकेशन आधारित हाजिरी, ई कार्ड, डिजिटल हस्ताक्षर शामिल होंगे। पहले चरण में ई ऑफिस के अन्तर्गत कुछ सेवाएं शुरू होंगी। बाद में दूसरे चरण में नगर निगम के सभी कार्य डिजिटल हो जाएंगे। सभी फाइलें स्कैन की जाएंगी। परियोजनाओं की ऑनलाइन ट्रैकिंग व्यवस्था रखी जाएगी।
प्राइमरी स्कूलों में स्मार्ट क्लासेज
शहरी क्षेत्र के स्कूलों की तस्वीर भी बदलेगी। कूलर, वाटर कूलर जैसी सुविधाओं के साथ ही प्रोजेक्टर-स्क्रीन लगेंगी। स्मार्ट क्लासेज होंगी। बच्चों का मन रमा रहे इसके लिए झूले और आकर्षक खेलों की सामग्री होगी।
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