बहराइच  : भारत और नेपाल के बीच रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बहराइच में आयोजित कार्यक्रम के दौरान नेपालगंज रोड (रुपईडीहा) से वाराणसी के बीच चलने वाली नई ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस नई रेल सेवा से दोनों देशों के बीच आवागमन आसान होगा और व्यापार, पर्यटन तथा सांस्कृतिक संबंधों को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
इस मौके पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव भी वर्चुअली जुड़े। सीएम योगी ने कहा कि नेपाल भारत के लिए केवल पड़ोसी देश नहीं है, बल्कि दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंध बेहद गहरे हैं। नई रेल सेवा इन रिश्तों को और मजबूत करने का काम करेगी।
दशकों पुराना सपना हुआ पूरा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नेपालगंज रोड तक ब्रॉडगेज रेल सेवा शुरू होना वर्षों पुराने सपने के पूरा होने जैसा है। बहराइच-नानपारा-नेपालगंज रोड रेलखंड को ब्रॉडगेज नेटवर्क से जोड़ने का काम पूरा किया गया है। इस परियोजना पर करीब 730 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं और लगभग 56 किलोमीटर लंबे रेलखंड को तैयार किया गया है।
उन्होंने कहा कि पहले यह क्षेत्र रेल सुविधाओं के मामले में काफी पीछे था। मीटर गेज लाइन होने के कारण यात्रियों और व्यापारियों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता था। अब ब्रॉडगेज नेटवर्क से जुड़ने के बाद इस क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी।
चार ट्रेनों का होगा संचालन
नेपालगंज रोड और वाराणसी के बीच अब चार ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। इसमें दो एक्सप्रेस और दो पैसेंजर ट्रेनें शामिल हैं। नई ट्रेन सेवा से बहराइच, गोंडा, सिद्धार्थनगर, गोरखपुर सहित कई जिलों के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।
पहली ट्रेन नेपालगंज रोड से वाराणसी के लिए रवाना हुई। यह ट्रेन कई प्रमुख स्टेशनों पर रुकते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचेगी। इससे नेपाल और उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए धार्मिक और व्यापारिक यात्राएं आसान हो जाएंगी।
इन स्टेशनों पर होगा ठहराव
नई ट्रेन सेवा के तहत नेपालगंज रोड, नानपारा, रिसिया, बहराइच, पयागपुर, गोंडा, बलरामपुर, तुलसीपुर, बढ़नी, शोहरतगढ़, सिद्धार्थनगर, आनंदनगर, गोरखपुर, देवरिया, मऊ, औंड़िहार और वाराणसी समेत कई स्टेशनों पर ठहराव दिया गया है।
इस रेल सेवा से सीमावर्ती इलाकों के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। अब नेपाल से उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों तक पहुंचने में समय और खर्च दोनों की बचत होगी।
व्यापार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
रेल सेवा शुरू होने से भारत और नेपाल के बीच व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है। सीमावर्ती क्षेत्रों के छोटे व्यापारियों को भी इसका फायदा मिलेगा। सामान की आवाजाही आसान होने से स्थानीय बाजारों को नई गति मिल सकती है।
इसके अलावा धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर, अयोध्या, गोरखपुर और नेपाल के धार्मिक स्थलों तक पहुंचने के लिए यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी।
भारत नेपाल संबंधों में नया अध्याय
भारत और नेपाल के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक रिश्ते लंबे समय से मजबूत रहे हैं। दोनों देशों के बीच रेल संपर्क बढ़ाने की योजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर रेल कनेक्टिविटी से न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों का आर्थिक विकास भी तेज होगा।
नई ट्रेन सेवा शुरू होने के बाद अब भारत और नेपाल के बीच आवागमन पहले से ज्यादा आसान और सुविधाजनक हो जाएगा। यह परियोजना दोनों देशों के रिश्तों में कनेक्टिविटी और सहयोग का नया अध्याय जोड़ने वाली साबित हो सकती है।
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