वॉशिंगटन: हाल ही में जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मैक्सिको में लगभग 25.9 लाख (2.59 मिलियन) परिवार किसी न किसी तरह की खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहे हैं। प्रभावित घरों में बच्चे अक्सर ज़रूरत से कम खाना खाते हैं या भूखे पेट ही सो जाते हैं।
मैक्सिको के 2025 के इंटरसेन्सल्स सर्वे (जनगणना के बीच का सर्वेक्षण) के आंकड़ों से पता चला है कि 6.5 प्रतिशत परिवारों में कम से कम एक व्यक्ति ऐसा था जिसे पैसे या अन्य संसाधनों की कमी के कारण भोजन नहीं मिल पाया।
इस संकट से सबसे ज़्यादा प्रभावित लोगों में बच्चे और किशोर शामिल थे।
नाबालिगों वाले खाद्य-असुरक्षित परिवारों में से 19.9 प्रतिशत ने बताया कि किसी बच्चे को भूख तो लगी थी, लेकिन उसने खाना नहीं खाया। वहीं, 19.2 प्रतिशत परिवारों ने कहा कि कोई नाबालिग भूखे पेट ही सो गया।
ऐसे 17.4 प्रतिशत घरों में, किसी बच्चे या किशोर ने दिन में केवल एक बार खाना खाया या पूरे दिन बिना भोजन के बिताया।
इसके असर सिर्फ़ खाना न मिलने तक ही सीमित नहीं थे। प्रभावित परिवारों में से आधे से ज़्यादा, यानी 55.4 प्रतिशत ने कहा कि उनके बच्चों के भोजन में बहुत कम विविधता थी।
लगभग 37.73 प्रतिशत परिवारों ने बताया कि किसी बच्चे या किशोर ने परिवार की ज़रूरत के हिसाब से कम खाना खाया। 36.91 प्रतिशत परिवारों में नाबालिगों को कम मात्रा में खाना दिया गया क्योंकि भोजन या पैसे की कमी थी।
ये नतीजे मैक्सिकन अख़बार 'ला जोर्नाडा' (La Jornada) ने 'नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ स्टैटिस्टिक्स एंड जियोग्राफी' (जिसे INEGI के नाम से जाना जाता है) के आंकड़ों के आधार पर प्रकाशित किए।
मैक्सिको के राष्ट्रीय स्वास्थ्य और पोषण सर्वेक्षण के अलग नतीजों से पता चला कि कुपोषण ने पाँच साल से कम उम्र के 13 लाख (1.3 मिलियन) से ज़्यादा बच्चों को प्रभावित किया। उस आयु वर्ग के लगभग 13.9 प्रतिशत बच्चों का वज़न तय मानक से कम था।
आर्थिक तंगी के कारण वयस्क भी खाना छोड़ रहे थे।
अपर्याप्त भोजन की समस्या वाले परिवारों में से 31 प्रतिशत ने कहा कि किसी वयस्क को भूख तो लगी थी, लेकिन उसने खाना नहीं खाया। लगभग 27.9 प्रतिशत ने कहा कि किसी वयस्क ने दिन में केवल एक बार खाना खाया या 24 घंटे तक बिना भोजन के बिताया।
सोलह प्रतिशत परिवारों ने बताया कि वे बहुत कम विविधता वाला भोजन कर रहे थे। वहीं, 11.5 प्रतिशत ने कहा कि वयस्कों ने अपनी ज़रूरत के हिसाब से कम भोजन किया। प्रभावित परिवारों में से 7.1 प्रतिशत परिवारों में, किसी वयस्क को नाश्ता, दोपहर का खाना या रात का खाना छोड़ना पड़ा क्योंकि परिवार के पास पर्याप्त संसाधन नहीं थे।
यह समस्या ग्रामीण और खेती वाले इलाकों के साथ-साथ मूल निवासी समुदायों में ज़्यादा गंभीर थी। ऐसे समुदायों की आय अक्सर कम होती है और उन्हें सार्वजनिक सेवाओं और स्थिर रोज़गार तक सीमित पहुँच मिलती है।
प्रभावित परिवारों का सबसे ज़्यादा अनुपात टबास्को में दर्ज किया गया, जो 15.32 प्रतिशत था। इसके बाद ओक्साका (10.13 प्रतिशत) और कैम्पेचे (9.94 प्रतिशत) का स्थान रहा।
इन तीनों दक्षिणी राज्यों में ग्रामीण आबादी ज़्यादा है, जबकि ओक्साका में बड़ी संख्या में मूल निवासी समुदाय भी रहते हैं।
परिवार की अपर्याप्त आय और महँगाई को भोजन तक सीमित पहुँच के मुख्य कारणों के रूप में पहचाना गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि स्वास्थ्य आपातकाल के बाद कमज़ोर परिवारों को पर्याप्त भोजन पाने में ज़्यादा कठिनाई का सामना करना पड़ा।
मेक्सिको कृषि उत्पादों का एक प्रमुख उत्पादक और निर्यातक देश है, लेकिन इसके समृद्ध औद्योगिक केंद्रों और गरीब दक्षिणी व ग्रामीण इलाकों के बीच भोजन की उपलब्धता में भारी अंतर है। इसलिए, राष्ट्रीय खाद्य-सुरक्षा के आँकड़े राज्यों और समुदायों के बीच के महत्वपूर्ण अंतर को छिपा सकते हैं।