उत्तर प्रदेश : हरियाणवी सिंगर और यूट्यूबर अंकित बालियान हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने बताया कि यह हत्या अचानक हुई वारदात नहीं थी, बल्कि पूरी योजना बनाकर अंजाम दी गई साजिश थी। जांच में सामने आया है कि हमलावरों ने पहले अंकित की गतिविधियों की जानकारी जुटाई, बाहर से हथियार मंगवाए और वारदात के बाद फरार होने की योजना भी तैयार की थी।
डीजीपी ने बताया कि पुलिस की जांच अब केवल शूटरों तक सीमित नहीं है, बल्कि इस पूरी साजिश के पीछे मौजूद लोगों, हथियार उपलब्ध कराने वालों और मददगारों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि अपराध की पूरी कड़ी को सामने लाया जाएगा और इसमें शामिल हर व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जिम से निकलते ही कर दी गई थी हत्या
अंकित बालियान की हत्या 26 अगस्त को उत्तर प्रदेश के शामली में हुई थी। पुलिस के मुताबिक, अंकित जब जिम से निकलकर अपनी कार की ओर जा रहे थे, तभी बाइक सवार हमलावरों ने उन पर गोलियां चला दीं। इस हमले में उनकी मौत हो गई थी। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी।
जांच के दौरान सामने आए सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी सबूतों के आधार पर पुलिस ने हमलावरों की पहचान शुरू की। पुलिस का कहना है कि हमलावरों ने पूरी तैयारी के साथ वारदात को अंजाम दिया था।
कई दिन पहले शुरू हो गई थी तैयारी
डीजीपी राजीव कृष्ण के अनुसार, जांच में यह पता चला है कि हत्या से पहले अंकित बालियान की गतिविधियों पर नजर रखी गई थी। शूटरों ने उनकी दिनचर्या और आने-जाने की जानकारी जुटाई थी।
पुलिस के मुताबिक, वारदात में इस्तेमाल हथियार स्थानीय स्तर पर नहीं बल्कि बाहर से उपलब्ध कराए गए थे। इससे संकेत मिलता है कि हत्या के पीछे एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा था।
गोगी गैंग नेटवर्क की भूमिका की जांच
डीजीपी ने बताया कि शुरुआती जांच में हत्याकांड में गोगी गैंग से जुड़े नेटवर्क की भूमिका सामने आई है। हालांकि पुलिस अभी इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और सभी पहलुओं को जोड़ने की कोशिश कर रही है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हत्या की साजिश किसने रची, हथियार किसने उपलब्ध कराए और आरोपियों को किसने मदद पहुंचाई।
दो शूटर पुलिस मुठभेड़ में ढेर
अंकित बालियान हत्याकांड में शामिल बताए जा रहे दो शूटरों मोहित और सुमित को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान आरोपियों की ओर से फायरिंग की गई, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई हुई।
पुलिस का कहना है कि मुठभेड़ के बाद बरामद हथियारों और अन्य सबूतों की जांच की जा रही है, ताकि हत्याकांड से जुड़े सभी तथ्यों को जोड़ा जा सके।
हत्या के पीछे क्या थी वजह?
पुलिस जांच में सामने आया है कि अंकित बालियान को एक गाने और कथित गैंग कनेक्शन को लेकर धमकियां मिली थीं। पुलिस इसी एंगल को भी जांच में शामिल कर रही है। बताया जा रहा है कि कुछ लोग अंकित को एक गैंग से जोड़कर देख रहे थे, जबकि अंकित ने पहले ही स्पष्ट किया था कि वह केवल गाने में कलाकार के रूप में शामिल हुए थे।
अब निशाने पर साजिशकर्ता
डीजीपी ने साफ किया है कि पुलिस केवल गोली चलाने वालों तक पहुंचकर जांच खत्म नहीं करेगी। अब उन लोगों की तलाश की जा रही है जिन्होंने पूरी साजिश तैयार की, हथियारों का इंतजाम किया और आरोपियों को संरक्षण दिया।
उन्होंने कहा कि अपराधियों को यह भ्रम नहीं होना चाहिए कि राज्य से बाहर बैठकर वे कानून से बच जाएंगे। पुलिस सभी संभावित कड़ियों की जांच कर रही है।
सोशल मीडिया पोस्ट की भी जांच
हत्या के बाद सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट सामने आई थीं, जिनमें वारदात की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया था। पुलिस इन पोस्ट और इनके पीछे मौजूद लोगों की भी जांच कर रही है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या सोशल मीडिया का इस्तेमाल अपराध की जिम्मेदारी लेने या दबाव बनाने के लिए किया गया था।
परिवार और फैंस में आक्रोश
अंकित बालियान की हत्या के बाद उनके परिवार और प्रशंसकों में भारी आक्रोश देखने को मिला। एक उभरते कलाकार की इस तरह हत्या ने सुरक्षा व्यवस्था और बढ़ते गैंग अपराध को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अंकित की लोकप्रियता हरियाणवी संगीत जगत में तेजी से बढ़ रही थी। उनके फैंस सोशल मीडिया पर लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं।