Heavy rain के बीच छात्रों का प्रदर्शन, पेपर लीक मामले में उठी पारदर्शी जांच की मांग
उत्तर प्रदेश : नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में छात्रों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। दिल्ली में चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में शनिवार को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में भी बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतर आए। सुबह से हो रही तेज बारिश भी प्रदर्शनकारियों का हौसला कम नहीं कर सकी। छात्रों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर प्रदर्शन किया तथा केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना था कि नीट पेपर लीक जैसी घटनाओं ने देश की प्रतियोगी परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को गहरा नुकसान पहुंचाया है। उनका आरोप था कि लाखों छात्र वर्षों की मेहनत के बाद परीक्षाएं देते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनकी मेहनत और भविष्य दोनों पर सवाल खड़े कर देती हैं। छात्रों ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
प्रयागराज में हुए प्रदर्शन को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का भी समर्थन मिला। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर प्रदर्शन का एक वीडियो साझा करते हुए लिखा कि "इलाहाबाद छात्र आंदोलनों की राजधानी है। वहां जिस तरह भाजपा के खिलाफ जनाक्रोश उभरा है, वह कल का इतिहास रचेगा। हम इलाहाबाद के छात्रों के साथ हैं, हमारी भी पुरजोर आवाज़।" अखिलेश यादव के इस बयान के बाद आंदोलन को राजनीतिक समर्थन मिलने की भी चर्चा तेज हो गई।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों के साथ हुई कथित पुलिस कार्रवाई का भी विरोध किया। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में छात्रों को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है और उनकी आवाज को दबाने के बजाय सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
तेज बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में छात्र प्रयागराज की सड़कों पर डटे रहे। कई छात्र बारिश में भी भीगते हुए नारे लगाते और रैली निकालते नजर आए। इस दौरान पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क रहा। कुछ स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की नोकझोंक की सूचना मिली। पुलिस ने कुछ मार्गों पर बैरिकेडिंग कर छात्रों को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया, जिससे कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया। हालांकि बाद में स्थिति सामान्य हो गई और प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहा।
छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी मांगों पर जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। उनका कहना है कि यह केवल नीट परीक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता का सवाल है। ऐसे में सरकार को छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।