Azamgarh आजमगढ़ : उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में नीट परीक्षा के परिणाम के बाद एक छात्रा ने आत्मघाती कदम उठा लिया। मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही छात्रा सृष्टि ने परीक्षा में असफल होने के बाद घर के अंदर फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
जानकारी के अनुसार, आजमगढ़ के सिविल लाइंस क्षेत्र की रहने वाली सृष्टि मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट की तैयारी कर रही थी। कुछ दिन पहले ही उसने नीट परीक्षा दी थी। परीक्षा देने के बाद से ही वह अपने रिजल्ट को लेकर काफी चिंतित और तनाव में थी। परिवार के लोगों के मुताबिक, सृष्टि लगातार परीक्षा परिणाम को लेकर परेशान चल रही थी और उसे सफलता की चिंता सता रही थी।
गुरुवार देर शाम जब नीट परीक्षा का रिजल्ट जारी हुआ तो सृष्टि ने अपना परिणाम देखा। बताया जा रहा है कि रिजल्ट देखने के बाद वह काफी निराश हो गई। परिवार वालों के अनुसार, रिजल्ट देखने के बाद सृष्टि किसी से ज्यादा बातचीत नहीं कर रही थी और चुपचाप अपने कमरे में चली गई। घरवालों को भी इस बात का अंदाजा नहीं था कि वह इतना बड़ा कदम उठा लेगी।
कुछ समय बाद जब परिवार के लोग सृष्टि के कमरे में पहुंचे तो अंदर का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। सृष्टि का शव पंखे से लटका हुआ मिला। उसने दुपट्टे के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। परिजनों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को नीचे उतारकर कब्जे में लिया और आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और परिवार के सदस्यों से पूछताछ कर घटना के कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
सृष्टि की मौत की खबर फैलते ही इलाके में शोक का माहौल बन गया। आसपास के लोगों ने बताया कि सृष्टि पढ़ाई को लेकर काफी गंभीर थी और मेडिकल क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहती थी। नीट जैसी कठिन परीक्षा में सफलता हासिल करने के लिए वह लंबे समय से मेहनत कर रही थी।
परिवार के लोगों का कहना है कि उन्हें बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि रिजल्ट को लेकर सृष्टि इतना बड़ा कदम उठा लेगी। अचानक हुई इस घटना से परिवार पूरी तरह टूट गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। शुरुआती जानकारी में परीक्षा परिणाम के बाद तनाव की बात सामने आई है, लेकिन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं के दबाव और असफलता के डर से कई छात्र मानसिक तनाव का सामना करते हैं। ऐसे समय में परिवार और दोस्तों का भावनात्मक सहयोग बेहद जरूरी होता है। छात्रों को भी किसी परीक्षा परिणाम को जीवन का अंतिम निर्णय नहीं मानना चाहिए और तनाव की स्थिति में अपने करीबियों से बातचीत करनी चाहिए।
नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में लाखों छात्र हिस्सा लेते हैं और सफलता के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। कई बार अपेक्षित परिणाम नहीं आने पर छात्र मानसिक रूप से परेशान हो जाते हैं। ऐसे मामलों में समय रहते पहचान और सहायता बेहद महत्वपूर्ण होती है।
आजमगढ़ की इस घटना ने एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं के दबाव और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी है, वहीं परिवार अपनी बेटी को खोने के गम में डूबा हुआ है।