Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश : उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के राजकीय विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए शिक्षा विभाग ने नई पहल शुरू की है। जिले के राजकीय इंटर कॉलेज और हाईस्कूलों में खाली पड़े शिक्षकीय पदों को भरने के लिए अब सेवानिवृत्त शिक्षकों की मदद ली जाएगी। इसके लिए जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) कार्यालय ने रिटायर्ड प्रवक्ताओं और सहायक अध्यापकों से आवेदन आमंत्रित किए हैं।
शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, जिले के नौ राजकीय विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को देखते हुए सेवानिवृत्त शिक्षकों का रिजर्व पूल तैयार किया जाएगा। जरूरत के अनुसार इन शिक्षकों से मानदेय के आधार पर शिक्षण कार्य कराया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. रामचंद्र की ओर से जारी सूचना के मुताबिक, इच्छुक सेवानिवृत्त शिक्षक 21 जुलाई से 5 अगस्त तक आवेदन कर सकते हैं। निर्धारित समय सीमा के बाद मिलने वाले आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा। विभाग ने आवेदन प्रक्रिया को लेकर सभी जरूरी दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए हैं।
जिन विद्यालयों के लिए आवेदन मांगे गए हैं, उनमें राजकीय इंटर कॉलेज करनीपुर तरबगंज, राजकीय इंटर कॉलेज तालागंज छपिया, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज हथियागढ़ बभनजोत, राजकीय इंटर कॉलेज मलौना हलधरमऊ, हिन्दूनगर खास इटियाथोक और राजकीय हाईस्कूल बेलहरी बुजुर्ग छपिया, दौलतपुर झंझरी और त्यौरासी परसपुर शामिल हैं।
विभाग की ओर से बताया गया है कि चयनित शिक्षकों को खाली पदों के अनुसार विषयवार जिम्मेदारी दी जाएगी। इससे स्कूलों में लंबे समय से खाली चल रहे पदों के कारण प्रभावित हो रही पढ़ाई को दोबारा सुचारु किया जा सकेगा। खासतौर पर उन विषयों में राहत मिलेगी, जहां शिक्षक उपलब्ध नहीं होने के कारण छात्रों को परेशानी हो रही है।
आवेदन करने वाले सेवानिवृत्त शिक्षकों को अपने आवेदन पत्र के साथ कई जरूरी दस्तावेज भी जमा करने होंगे। इनमें सेवा निवृत्ति से संबंधित विवरण, संबंधित विद्यालय का नाम, विषय की जानकारी, सेवानिवृत्ति की तारीख, शैक्षिक योग्यता की प्रमाणित छायाप्रति, पीपीओ आदेश, आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक और मोबाइल नंबर शामिल हैं।
अभ्यर्थियों को आवेदन पत्र पूरी तरह भरकर पंजीकृत डाक के माध्यम से जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय भेजना होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अधूरे आवेदन या बिना जरूरी दस्तावेजों के भेजे गए आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा।
डीआईओएस डॉ. रामचंद्र ने बताया कि राजकीय विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसी उद्देश्य से यह व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त शिक्षकों के अनुभव का लाभ छात्रों को मिलेगा और स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था को मजबूत किया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि यह पूरी प्रक्रिया शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी नियमों और प्रावधानों के तहत की जा रही है। विभाग का लक्ष्य है कि योग्य और अनुभवी शिक्षकों की सहायता से विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराई जाए।
शिक्षा विभाग की इस पहल से उन रिटायर्ड शिक्षकों को भी दोबारा अपने अनुभव का उपयोग करने का अवसर मिलेगा, जो अभी भी शिक्षण कार्य करने में सक्षम हैं। वहीं, छात्रों को विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की उपलब्धता से पढ़ाई में फायदा मिलने की उम्मीद है।
अब देखना होगा कि आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद कितने सेवानिवृत्त शिक्षक इस रिजर्व पूल में शामिल होते हैं और विद्यालयों में खाली पदों को भरने की प्रक्रिया कितनी तेजी से पूरी होती है।