Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश के आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवानों और स्टेशन मास्टर के बीच हुआ विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले में राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। भाजपा सांसद राजकुमार चाहर भी स्टेशन पहुंचे और उन्होंने RPF अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई।
सांसद राजकुमार चाहर ने अधिकारियों से कहा कि स्टेशन मास्टर के साथ इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किसके आदेश पर स्टेशन मास्टर को पकड़कर ले जाया जा रहा था। उन्होंने कहा कि जनता से व्यवहार करने का तरीका समझना जरूरी है, क्योंकि ऐसी घटनाओं से वर्दी और सरकार दोनों की छवि खराब होती है।
चेन पुलिंग के आरोप को लेकर शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, घटना रविवार को उस समय हुई जब हीराकुंड एक्सप्रेस आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पहुंची थी। ट्रेन के रवाना होने के बाद कुछ दूरी पर रुकने पर RPF जवानों ने चेन पुलिंग के आरोप में एक महिला को पकड़ लिया।
मौके पर मौजूद स्टेशन मास्टर नरेंद्र चाहर ने कथित तौर पर RPF जवानों से कहा कि महिला ने चेन पुलिंग नहीं की है, इसलिए उसे छोड़ दिया जाए। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी बढ़ गई और विवाद मारपीट तक पहुंच गया।
स्टेशन मास्टर के साथ कथित मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद रेलवे कर्मचारी संगठनों ने भी विरोध जताया और कार्रवाई की मांग की।
चार RPF कर्मी निलंबित
मामले में रेलवे ने कार्रवाई करते हुए RPF के चार कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबित किए गए कर्मचारियों में दो सहायक उपनिरीक्षक (ASI) और दो कांस्टेबल शामिल हैं।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, ASI मेघराज मीणा, ASI बालकिशन, कांस्टेबल जितेंद्र और कांस्टेबल बदन सिंह के खिलाफ कार्रवाई की गई है। मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति भी गठित की गई है।
रेलवे ने शुरू की जांच
उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिवम शर्मा ने बताया कि आगरा में RPF और स्टेशन मास्टर के बीच हुई घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, घटना के बाद स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था और रेलवे कर्मचारियों के साथ व्यवहार को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। रेलवे प्रशासन का कहना है कि किसी भी कर्मचारी या यात्री के साथ अनुचित व्यवहार को स्वीकार नहीं किया जाएगा।