बुंदेलखंड को बड़ा तोहफा चित्रकूट में बनेगी BEL की अत्याधुनिक रक्षा इकाई
चित्रकूट में खुलेगी BEL की नई डिफेंस यूनिट 600 करोड़ रुपये मंजूर
चित्रकूट : बुंदेलखंड के लिए रक्षा क्षेत्र से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। चित्रकूट में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) की अत्याधुनिक रक्षा इकाई स्थापित करने की योजना को मंजूरी मिली है। इस परियोजना के लिए करीब 600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे क्षेत्र में रक्षा उत्पादन को बढ़ावा मिलने के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
रक्षा उत्पादन का नया केंद्र बनेगा चित्रकूट
BEL देश की प्रमुख रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में शामिल है, जो भारतीय सशस्त्र बलों के लिए रडार, संचार प्रणाली, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली और अन्य रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़े उपकरण तैयार करती है।
चित्रकूट में प्रस्तावित इकाई से बुंदेलखंड में रक्षा विनिर्माण का नया इकोसिस्टम विकसित होने की उम्मीद है। इससे स्थानीय स्तर पर औद्योगिक गतिविधियां बढ़ सकती हैं और क्षेत्र में निवेश को भी प्रोत्साहन मिल सकता है।
600 करोड़ रुपये के निवेश से बदलेगी तस्वीर
करीब 600 करोड़ रुपये की परियोजना से सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। तकनीकी कर्मचारियों के साथ-साथ निर्माण, लॉजिस्टिक्स, रखरखाव और अन्य सहायक सेवाओं से जुड़े लोगों को भी फायदा मिल सकता है।
स्थानीय युवाओं के लिए तकनीकी और कौशल आधारित रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। इससे बुंदेलखंड से रोजगार के लिए दूसरे शहरों की ओर होने वाले पलायन को कम करने में भी मदद मिल सकती है।
‘मेक इन इंडिया’ को मिलेगा बढ़ावा
रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी उत्पादन बढ़ाने की केंद्र सरकार की नीति के तहत देश में रक्षा उपकरणों के निर्माण और घरेलू सप्लाई चेन को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। BEL की नई इकाई इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। स्थानीय स्तर पर रक्षा उत्पादन बढ़ने से भारत की आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
बुंदेलखंड के औद्योगिक विकास के लिए अहम कदम
चित्रकूट में बड़े रक्षा प्रतिष्ठान की स्थापना से केवल एक औद्योगिक इकाई नहीं बनेगी, बल्कि इसके आसपास सहायक उद्योगों के विकसित होने की संभावना भी है। सड़क, बिजली, लॉजिस्टिक्स और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को भी इससे गति मिल सकती है। 600 करोड़ रुपये की यह परियोजना बुंदेलखंड के लिए औद्योगिक और रोजगार के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। अब नजर इसके निर्माण और संचालन की समयसीमा पर रहेगी।