श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सीईओ पद के लिए अंतिम साक्षात्कार शुरू
अयोध्या। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) पद के लिए अंतिम चरण का साक्षात्कार मंगलवार से शुरू हो गया। सीईओ पद के लिए चयन प्रक्रिया के अंतिम दौर में पहुंचे आवेदकों से ट्रस्ट की व्यवस्थाओं, मंदिर संचालन, प्रशासनिक अनुभव, वित्तीय प्रबंधन और धार्मिक आस्था से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से सवाल किए जा रहे हैं। प्रत्येक आवेदक से करीब एक घंटे या उससे अधिक समय तक बातचीत की जा रही है।
सीईओ पद की जिम्मेदारी को देखते हुए चयन प्रक्रिया में प्रशासनिक दक्षता के साथ-साथ अयोध्या और श्रीरामजन्मभूमि मंदिर से जुड़े धार्मिक व भावनात्मक पक्ष को भी महत्व दिया जा रहा है। साक्षात्कार के दौरान आवेदकों के पूर्व प्रशासनिक अनुभव, विभिन्न पदों पर किए गए कार्य और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों के निर्वहन से संबंधित जानकारी ली जा रही है। इसके अलावा यह भी जानने का प्रयास किया जा रहा है कि उम्मीदवार बड़े धार्मिक संस्थान की व्यवस्थाओं और उससे जुड़े दायित्वों को किस प्रकार संभाल सकते हैं।
मंगलवार को अयोध्या के पूर्व जिलाधिकारी एवं मंडलायुक्त रहे आईएएस योगेश्वर राम मिश्र और एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के रूप में पहचान रखने वाले पूर्व आईपीएस राजेश पांडेय भी साक्षात्कार देने पहुंचे। दोनों अधिकारियों के पास प्रशासन और कानून-व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करने का लंबा अनुभव रहा है। अयोध्या में पूर्व में जिम्मेदारी संभाल चुके अधिकारी के रूप में योगेश्वर राम मिश्र का अनुभव भी इस पद के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
साक्षात्कार में मंदिर की व्यवस्थाओं के संचालन को लेकर उम्मीदवारों की समझ पर विशेष जोर दिया जा रहा है। मंदिर में प्रतिदिन आने वाले श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, सुविधाओं और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय जैसे विषयों पर सवाल किए जा रहे हैं। उम्मीदवारों से यह भी पूछा जा रहा है कि वे किसी बड़े धार्मिक परिसर की दिन-प्रतिदिन की व्यवस्थाओं को किस तरह व्यवस्थित और सुचारु बनाए रखेंगे।
इसके साथ ही वित्तीय प्रबंधन से जुड़े सवाल भी साक्षात्कार का अहम हिस्सा हैं। ट्रस्ट के कामकाज में वित्तीय पारदर्शिता, संसाधनों का बेहतर उपयोग, बजट प्रबंधन और विभिन्न परियोजनाओं की निगरानी जैसे विषयों पर उम्मीदवारों की जानकारी और अनुभव को परखा जा रहा है। सीईओ पद पर नियुक्त होने वाले अधिकारी को प्रशासनिक कार्यों के साथ वित्तीय और संस्थागत प्रबंधन की जिम्मेदारियां भी निभानी होंगी। ऐसे में चयन समिति उम्मीदवारों की निर्णय क्षमता और प्रबंधन कौशल को समझने का प्रयास कर रही है।
उम्मीदवारों से उनके पूर्व के अनुभवों और तैनाती वाले स्थानों के बारे में भी विस्तार से जानकारी ली जा रही है। उनसे पूछा जा रहा है कि पूर्व में उन्हें किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा और उन्होंने उन परिस्थितियों का समाधान किस तरह किया। प्रशासनिक पदों पर रहते हुए लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों, टीम प्रबंधन, विभिन्न विभागों के साथ समन्वय और संकट की स्थिति में कार्य करने के अनुभव को भी साक्षात्कार में महत्व दिया जा रहा है।
सीईओ पद सामान्य प्रशासनिक जिम्मेदारी से अलग माना जा रहा है। श्रीरामजन्मभूमि मंदिर देश-दुनिया के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में यहां की व्यवस्थाओं के संचालन के लिए प्रशासनिक दक्षता के साथ संवेदनशीलता और धार्मिक भावनाओं की समझ भी जरूरी मानी जा रही है। इसी कारण साक्षात्कार में उम्मीदवारों की प्रभु रामलला के प्रति आस्था को भी सवालों के माध्यम से परखने की कोशिश की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, उम्मीदवारों से यह समझने का प्रयास किया जा रहा है कि वे राम मंदिर और उससे जुड़ी धार्मिक परंपराओं को किस दृष्टिकोण से देखते हैं। मंदिर की गरिमा और धार्मिक परंपराओं के अनुरूप प्रशासनिक व्यवस्था कायम रखने को लेकर उनकी सोच क्या है, इस पर भी सवाल किए जा रहे हैं। हालांकि चयन प्रक्रिया में प्रशासनिक क्षमता और अनुभव को भी समान रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की जिम्मेदारियां राम मंदिर के निर्माण से आगे बढ़कर मंदिर परिसर के संचालन और श्रद्धालुओं से जुड़ी व्यवस्थाओं तक विस्तृत हो चुकी हैं। मंदिर में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या के साथ सुविधाओं का विस्तार, सुरक्षा, स्वच्छता, दर्शन व्यवस्था, कर्मचारियों का प्रबंधन और विभिन्न परियोजनाओं का संचालन लगातार महत्वपूर्ण होता जा रहा है। ऐसे में सीईओ के पद के लिए अनुभवी और सक्षम अधिकारी का चयन ट्रस्ट के लिए अहम माना जा रहा है।
अंतिम साक्षात्कार की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही अब सीईओ पद के लिए चयन की तस्वीर स्पष्ट होने लगी है। अंतिम दौर में शामिल उम्मीदवारों की प्रशासनिक क्षमता, प्रबंधन कौशल, वित्तीय समझ, पूर्व अनुभव और धार्मिक संवेदनशीलता को विभिन्न स्तरों पर परखा जा रहा है। करीब एक घंटे से अधिक चल रहे साक्षात्कार से यह भी संकेत मिलता है कि ट्रस्ट इस महत्वपूर्ण पद के लिए उम्मीदवार के हर पहलू का विस्तृत मूल्यांकन करना चाहता है।
अब सभी की निगाहें अंतिम चयन पर टिकी हैं। जिस अधिकारी का चयन सीईओ पद के लिए होगा, उसके सामने श्रीरामजन्मभूमि मंदिर की बढ़ती व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से संचालित करने और भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप प्रशासनिक तंत्र को मजबूत करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। ट्रस्ट की चयन प्रक्रिया के अंतिम चरण ने इस पद को लेकर चर्चाओं को भी तेज कर दिया है।