नोएडा। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में भारी बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बनने के बाद अब नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी बारिश के पानी के जमा होने का मामला सामने आया है। भारी बारिश के बाद एयरपोर्ट परिसर के एक हिस्से में पानी भरने के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं। इनमें टर्मिनल को पार्किंग एरिया से जोड़ने वाले रास्ते पर पानी जमा दिखाई दे रहा है। नए एयरपोर्ट परिसर में जलभराव की तस्वीरें सामने आने के बाद परियोजना की जल निकासी व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में एयरपोर्ट के आसपास का क्षेत्र पानी से भरा नजर आ रहा है। टर्मिनल और पार्किंग क्षेत्र को जोड़ने वाले मार्ग पर भी पानी जमा होने की बात कही जा रही है। बारिश के बाद सामने आई इन तस्वीरों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। हालांकि जलभराव की वास्तविक स्थिति और इसके कारणों को लेकर संबंधित अधिकारियों की ओर से विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को उत्तर प्रदेश और NCR की महत्वपूर्ण आधारभूत परियोजनाओं में गिना जा रहा है। ऐसे में एयरपोर्ट परिसर में बारिश के बाद पानी जमा होने की तस्वीरें सामने आने से इसकी ड्रेनेज व्यवस्था को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। एयरपोर्ट जैसी महत्वपूर्ण परियोजना में बारिश के पानी की निकासी की व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम अपेक्षित होते हैं। ऐसे में सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो के बाद लोग सवाल उठा रहे हैं कि भारी बारिश के दौरान परिसर में पानी की निकासी किस तरह हो रही है।

इस मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी बीजेपी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तंज कसते हुए पूछा, "क्या अब एयरपोर्ट पर नावें चलेंगी?" इसके साथ ही उन्होंने बीजेपी सरकारों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि जहां भी बीजेपी की सरकार है, वहां बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार होता है।

अखिलेश यादव की टिप्पणी के बाद यह मामला राजनीतिक बहस का विषय भी बन गया है। विपक्ष ने एयरपोर्ट पर जलभराव को लेकर सरकार और परियोजना से जुड़े अधिकारियों पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। सपा प्रमुख की टिप्पणी को इसी राजनीतिक संदर्भ में देखा जा रहा है। उन्होंने जलभराव की तस्वीरों के माध्यम से सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया और इसे कथित भ्रष्टाचार से जोड़कर निशाना साधा।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को क्षेत्र के विकास और कनेक्टिविटी के लिहाज से बड़ी परियोजना माना जा रहा है। इसके शुरू होने के बाद NCR के अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों को बेहतर हवाई संपर्क मिलने की उम्मीद है। परियोजना को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की दिशा में काम किया गया है। ऐसे में भारी बारिश के बाद परिसर में पानी भरने की तस्वीरों ने परियोजना की बुनियादी सुविधाओं को लेकर चर्चा छेड़ दी है।

जलभराव किसी भी बड़े परिवहन केंद्र के लिए चुनौती माना जाता है। एयरपोर्ट परिसर में सड़क, टर्मिनल क्षेत्र, पार्किंग और अन्य स्थानों पर बारिश का पानी जमा होने से यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। हालांकि सामने आए वीडियो में जलभराव की स्थिति किस स्तर तक रही और कितनी देर तक पानी जमा रहा, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

NCR में हाल के दिनों में हुई भारी बारिश ने शहरों की जल निकासी व्यवस्था की भी परीक्षा ली है। दिल्ली-NCR के कई हिस्सों में सड़कें और निचले इलाके पानी में डूब गए थे। कई जगह यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। इसी बारिश के बाद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जुड़े वीडियो सामने आने पर यह मुद्दा और चर्चा में आ गया।

एयरपोर्ट परियोजना से जुड़े किसी भी हिस्से में जलभराव की स्थिति को गंभीरता से देखना इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि यहां बड़ी संख्या में यात्रियों और कर्मचारियों की आवाजाही होती है। बारिश के पानी की निकासी के लिए ड्रेनेज सिस्टम की क्षमता, पंपिंग व्यवस्था और जल निकासी के रास्तों की प्रभावशीलता महत्वपूर्ण होती है। भारी बारिश की स्थिति में इन व्यवस्थाओं की क्षमता की जांच होना आवश्यक है।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद आम लोगों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। कुछ लोग इसे सामान्य बारिश के बाद पैदा हुई अस्थायी स्थिति मान रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे परियोजना की जल निकासी व्यवस्था पर सवाल के तौर पर देख रहे हैं। ऐसे में वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए संबंधित एजेंसी की ओर से तथ्यात्मक जानकारी महत्वपूर्ण होगी।

राजनीतिक स्तर पर विपक्ष को सरकार पर हमला करने का मौका मिल गया है। अखिलेश यादव की टिप्पणी के बाद बीजेपी सरकार और एयरपोर्ट परियोजना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज होने की संभावना है। विपक्ष इस घटना को बुनियादी ढांचे से जुड़े सवालों के साथ जोड़कर सरकार को घेर सकता है, जबकि परियोजना से जुड़े अधिकारी बारिश के दौरान जलभराव की वास्तविक स्थिति और उसके कारणों को स्पष्ट कर सकते हैं।

फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि भारी बारिश के बाद एयरपोर्ट परिसर में पानी क्यों जमा हुआ और जल निकासी व्यवस्था ने किस तरह काम किया। यदि जलभराव केवल अत्यधिक बारिश के कारण थोड़े समय के लिए हुआ है तो स्थिति अलग होगी, लेकिन यदि लंबे समय तक पानी जमा रहा तो इसकी तकनीकी समीक्षा जरूरी हो सकती है।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को लेकर देशभर में काफी उम्मीदें जुड़ी हैं। ऐसे में निर्माण और संचालन से पहले बुनियादी ढांचे की मजबूती और मौसम संबंधी चुनौतियों से निपटने की क्षमता सुनिश्चित करना जरूरी है। बारिश के बाद सामने आए जलभराव के वीडियो ने इसी मुद्दे को सार्वजनिक बहस में ला दिया है।

फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों और वीडियो के आधार पर एयरपोर्ट की जल निकासी व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। वहीं अखिलेश यादव ने इसे लेकर बीजेपी सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। अब निगाह संबंधित अधिकारियों के स्पष्टीकरण पर है कि जलभराव की स्थिति कितनी गंभीर थी, पानी कितने समय में निकाला गया और भविष्य में ऐसी स्थिति से निपटने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।

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