Lucknow : भीषड़ आग की चपेट में 40 झोपड़ियां जलकर राख

Update: 2025-04-25 03:04 GMT
Lucknow लखनऊ: बाजारखाला की एलडीए कॉलोनी में बनी झुग्गी-झोपड़ियों में गुरुवार दोपहर आग लग गई। आग की चपेट में आकर 40 झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। झोपड़ियों में रखे रसोई गैस सिलेंडर तेज धमाके के साथ फट गए। इससे इलाके में अफरातफरी का माहौल बन गया। आग की लपटों के बीच धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग जान बचाकर भागे। मौके पर पहुंची दमकल की 12 गाड़ियों ने चार घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। बाजारखाला के कटरा निवासी रानी, ​​राजेश उर्फ ​​रामू, चंद्रिका प्रसाद, साबिर, जहूर की एलडीए कॉलोनी में जमीन है।
उन्होंने इस प्लॉट पर झुग्गी बनाकर लोगों को किराए पर दे रखा है। गुरुवार दोपहर रानी के प्लॉट के पास कूड़े के ढेर में अचानक आग लग गई। तेज हवाओं के साथ आग ने विकराल रूप ले लिया। इसने पास की झुग्गी-झोपड़ियों को भी अपनी चपेट में ले लिया। झोपड़ियों से लपटें निकलती देख लोग उसे बुझाने का प्रयास करने लगे, लेकिन सफल नहीं हुए। आग तेजी से फैलने लगी। किसी तरह लोग अपनी जान बचाकर वहां से भागे।
सूचना मिलने पर चौक, आलमबाग, इंदिरानगर और हजरतगंज फायर स्टेशन से एक दर्जन दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। झोपड़ी मालिक रानी और राजेश का आरोप है कि यह किसी की शरारत है। किसी ने कूड़े में आग लगा दी थी, जिससे आग लग गई। वहीं मजदूर शंकर और संतोष का कहना है कि वे पिछले 20 से 25 सालों से यहां किराए पर काम कर रहे हैं। वे मूल रूप से छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं।
बिना अनुमति के बसाई गई है झुग्गी, एक झोपड़ी का किराया 1200 रुपये
एलडीए कॉलोनी निवासी मनोज सिंह, ओसामा, संतोष कुमार का आरोप है कि यहां खाली जगह पर लोगों ने अवैध रूप से झोपड़ियां बना ली थीं। सभी झोपड़ियों में अवैध रूप से बिजली का इस्तेमाल हो रहा था। बिजली विभाग ने अवैध रूप से बिजली कनेक्शन दे रखे थे। यहां किसी की झोपड़ी में मीटर नहीं लगा था। बिजली विभाग की मिलीभगत से बिजली कनेक्शन चल रहे थे। रानी, ​​राजेश उर्फ ​​रामू, चंद्रिका प्रसाद, साबिर, जहूर ये पांच लोग झुग्गी-झोपड़ियों के मालिक हैं, जिनके सहयोग से यहां करीब पचास झुग्गियां बनी हैं। इनमें छत्तीसगढ़ के लोग किराए पर रहते हैं और मजदूरी करते हैं। बिजली समेत एक झुग्गी का किराया करीब बारह सौ रुपये है।
मौके पर पहुंची दमकल विभाग की टीम ने आग पर काबू पाने का काम शुरू किया। कुछ देर बाद ही दमकल की गाड़ियों में पानी खत्म हो गया। गाड़ियां पानी लेने चली गईं, इस बीच दमकलकर्मी बाल्टियों में पानी भरकर फेंक रहे थे। ताकि आग अपना दायरा न फैला सके।
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