Lucknow लखनऊ। भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की गाड़ी पर हुए कथित हमले को लेकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राजनीति में हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए और लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी राजनीतिक दलों तथा नेताओं को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार है। दिनेश शर्मा ने पश्चिम बंगाल की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में अराजकता के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की ओर से पहले ही सख्त आदेश जारी किए जा चुके हैं और सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि राजनीतिक गतिविधियों के दौरान कानून-व्यवस्था बनी रहे।
भाजपा सांसद ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक विरोध और असहमति स्वाभाविक है, लेकिन किसी भी नेता या राजनीतिक कार्यकर्ता के खिलाफ हिंसा को स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेदों को लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से ही सुलझाया जाना चाहिए। ममता बनर्जी की गाड़ी पर कथित हमले की घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। अलग-अलग दलों के नेता घटना पर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। भाजपा की ओर से भी इस मामले में कानून-व्यवस्था और राजनीतिक हिंसा का मुद्दा उठाया जा रहा है। दिनेश शर्मा ने कहा कि पश्चिम बंगाल में शांति और व्यवस्था बनाए रखना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राजनीतिक गतिविधियों के दौरान किसी भी तरह की हिंसा या अराजकता लोकतांत्रिक माहौल के लिए ठीक नहीं है।
उन्होंने कहा कि राजनीति में विचारों का संघर्ष हो सकता है, लेकिन व्यक्तिगत स्तर पर हिंसा नहीं होनी चाहिए। राजनीतिक दलों को अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं को भी संयम बरतने के लिए प्रेरित करना चाहिए, ताकि किसी भी विवाद को हिंसक रूप लेने से रोका जा सके। ममता बनर्जी की गाड़ी से जुड़ी घटना के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। इस बीच भाजपा सांसद का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने हिंसा की राजनीति को खारिज करते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया है। उन्होंने दोहराया कि लोकतंत्र में राजनीतिक विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन राजनीति में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए।