लखनऊ : लखनऊ में एक शख्स को हाथ मिलाकर बधाई देना और फिर गले लगना उस वक्त भारी पड़ गया, जब इसी दौरान उसकी जेब से हजारों रुपये गायब हो गए। पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस से की, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने बेहद शातिर तरीके से पीड़ित को बातचीत में उलझाया और मौका मिलते ही उसकी जेब से 35 हजार रुपये निकाल लिए। घटना के सामने आने के बाद इलाके में भी चर्चा शुरू हो गई है। पुलिस का कहना है कि आरोपी लोगों का भरोसा जीतने के लिए पहले सामान्य तरीके से बातचीत करता था। इसके बाद हाथ मिलाकर बधाई देने या गले मिलने के बहाने वह पीड़ित के बेहद करीब पहुंच जाता था। इसी दौरान वह जेब में रखी नकदी पर हाथ साफ कर देता था।

हाथ मिलाने और गले मिलने के बहाने बनाई नजदीकी
जानकारी के अनुसार, पीड़ित अपने जरूरी काम से बाहर निकला था। इसी दौरान आरोपी ने उससे संपर्क किया। उसने बेहद सामान्य अंदाज में बातचीत शुरू की और फिर हाथ मिलाकर बधाई दी। बातचीत के दौरान उसने पीड़ित को गले लगाया। पीड़ित को उस समय किसी तरह का शक नहीं हुआ। कुछ देर बाद जब पीड़ित ने अपनी जेब संभाली तो उसे रुपये गायब मिले। उसने तुरंत आसपास तलाश की, लेकिन आरोपी वहां से निकल चुका था। जेब में करीब 35 हजार रुपये रखे हुए थे। रुपये गायब होने की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने पुलिस को सूचना दी।
शिकायत के बाद पुलिस ने शुरू की जांच
मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने घटनास्थल और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। पुलिस ने पीड़ित से आरोपी के हुलिए और घटना से जुड़ी अन्य जानकारियां भी हासिल कीं। जांच के दौरान पुलिस को आरोपी तक पहुंचने के लिए अहम सुराग मिले। पुलिस ने संदिग्ध की पहचान करने के बाद उसकी तलाश शुरू की। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने आरोपी को दबोच लिया। उसके पास से चोरी की रकम से संबंधित बरामदगी और घटना में इस्तेमाल किए गए तरीके को लेकर भी पूछताछ की गई।
बेहद शातिर तरीके से करता था वारदात
पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी लोगों को सीधे तौर पर डराने या धमकाने के बजाय पहले उनसे दोस्ताना व्यवहार करता था। वह बातचीत के दौरान इतना सहज माहौल बना देता था कि सामने वाले व्यक्ति को उस पर शक नहीं होता था। हाथ मिलाना, बधाई देना या गले मिलना उसके लिए लोगों के करीब पहुंचने का आसान तरीका था। पीड़ित का ध्यान बातचीत में लगा रहने के दौरान आरोपी मौका देखकर जेब से नकदी निकाल लेता था। यही वजह है कि वारदात के तुरंत बाद कई पीड़ितों को चोरी का पता भी नहीं चलता था।
35 हजार रुपये की चोरी से पीड़ित को लगा झटका
पीड़ित की जेब से 35 हजार रुपये गायब होने के बाद उसे काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। रकम उसके लिए महत्वपूर्ण थी। घटना के बाद उसने बिना देर किए पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू की और आरोपी को पकड़ने के लिए टीम लगाई। पुलिस की कार्रवाई के बाद अब आरोपी से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उसने इस तरह की और कितनी वारदातों को अंजाम दिया है। साथ ही उसके किसी अन्य साथी के शामिल होने की संभावना की भी जांच की जा रही है।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सार्वजनिक स्थानों पर अनजान लोगों से बातचीत करते समय सतर्क रहें। कोई व्यक्ति अचानक अत्यधिक अपनापन दिखाए, हाथ मिलाने या गले मिलने की कोशिश करे अथवा किसी बहाने से बेहद करीब आए तो सावधानी बरतनी चाहिए।
विशेष रूप से बाजार, भीड़भाड़ वाले इलाकों, बस अड्डों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर जेब में रखी नकदी और कीमती सामान का ध्यान रखना जरूरी है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि का सामना होने पर तुरंत पुलिस को सूचना देने की सलाह दी गई है। यह घटना एक बार फिर बताती है कि जेबकतरे और ठग हमेशा पारंपरिक तरीके से वारदात नहीं करते। कई बार वे सामान्य सामाजिक व्यवहार और भरोसे का फायदा उठाकर लोगों को अपना शिकार बना लेते हैं। ऐसे में थोड़ी सी सतर्कता बड़ी आर्थिक क्षति से बचा सकती है।
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