प्रयागराज : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के एक गांव में तेंदुए की मौजूदगी से ग्रामीणों में डर का माहौल बन गया है। बताया जा रहा है कि तेंदुआ एक बार फिर गांव के आसपास घूमता हुआ दिखाई दिया, जिसके बाद लोगों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। तेंदुए के बार-बार नजर आने से ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है और लोग शाम होते ही घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, तेंदुआ पिछले कुछ दिनों से इलाके में सक्रिय है। कई लोगों ने उसे खेतों और गांव के आसपास के रास्तों पर घूमते हुए देखा है। तेंदुए की तस्वीर और वीडियो भी कुछ लोगों ने अपने मोबाइल में कैद करने का दावा किया है। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और इलाके का निरीक्षण शुरू किया।
खेतों और आबादी वाले इलाकों में दिख रही गतिविधि
ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ अक्सर रात और सुबह के समय दिखाई दे रहा है। वह खेतों के आसपास घूमता है और मौका मिलते ही झाड़ियों में छिप जाता है। इससे किसानों और पशुपालकों में सबसे ज्यादा डर बना हुआ है।
गांव के लोगों को आशंका है कि अगर तेंदुआ आबादी वाले क्षेत्र में पहुंच गया तो किसी बड़ी घटना को अंजाम दे सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द तेंदुए को पकड़ने की कार्रवाई की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
वन विभाग ने शुरू किया निगरानी अभियान
तेंदुए की सूचना मिलने के बाद वन विभाग सक्रिय हो गया है। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर तेंदुए के पैरों के निशान और उसकी गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई। इसके साथ ही ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
वन विभाग की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे अकेले जंगल या खेतों की ओर न जाएं और किसी भी तरह की अफवाह न फैलाएं। अधिकारियों का कहना है कि तेंदुए को पकड़ने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
ग्रामीणों को दी गई सावधानी बरतने की सलाह
प्रशासन ने ग्रामीणों को कुछ जरूरी सावधानियां बरतने के निर्देश दिए हैं। लोगों से कहा गया है कि रात के समय बाहर निकलने से बचें और बच्चों को अकेले घर से बाहर न भेजें।
इसके अलावा पशुओं को खुले में न बांधने और घर के आसपास रोशनी की व्यवस्था रखने की सलाह दी गई है। वन विभाग का कहना है कि जंगली जानवर अक्सर भोजन और सुरक्षित स्थान की तलाश में आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आ जाते हैं।
तेंदुए के आने से किसानों की बढ़ी चिंता
गांव के किसान इस समय फसल और खेतों की देखभाल में जुटे हैं। ऐसे में तेंदुए की मौजूदगी उनके लिए बड़ी परेशानी बन गई है। किसान सुबह जल्दी और देर शाम तक खेतों में काम करते हैं, लेकिन अब उन्हें अपनी सुरक्षा की चिंता सताने लगी है।
कई ग्रामीणों ने बताया कि पहले भी इलाके में जंगली जानवरों की गतिविधियां देखी गई हैं। लेकिन तेंदुए के बार-बार दिखाई देने से खतरा बढ़ गया है।
लोगों में डर का माहौल
तेंदुए की खबर फैलते ही गांव में लोग सतर्क हो गए हैं। ग्रामीण समूह बनाकर इलाके की निगरानी कर रहे हैं। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।
हालांकि वन विभाग ने लोगों से शांत रहने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि तेंदुआ इंसानों से दूर रहना पसंद करता है, लेकिन खतरा महसूस होने पर हमला कर सकता है। इसलिए उसके करीब जाने या उसे परेशान करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में समय-समय पर तेंदुए के आबादी वाले इलाकों में पहुंचने के मामले सामने आते रहे हैं। जंगलों में कमी और भोजन की तलाश में कई बार जंगली जानवर गांवों की ओर आ जाते हैं।
ऐसे मामलों में वन विभाग की भूमिका अहम होती है। टीम ट्रैकिंग, कैमरा और अन्य तकनीकों की मदद से जानवरों की गतिविधियों पर नजर रखती है और जरूरत पड़ने पर रेस्क्यू अभियान चलाती है।
फिलहाल प्रयागराज के इस गांव में वन विभाग की निगरानी जारी है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जल्द ही तेंदुए को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया जाएगा और इलाके में फिर से सामान्य स्थिति लौट आएगी।