खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता में लापरवाही पर सात विक्रेताओं पर 5.15 लाख जुर्माना
गोरखपुर। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। एडीएम वित्त एवं राजस्व सत्य प्रकाश की कोर्ट ने सात खाद्य विक्रेताओं पर कुल 5.15 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
यह कार्रवाई राजकीय प्रयोगशाला-लखनऊ से प्राप्त जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है। जांच में रस्क, वनस्पति तेल, पेड़ा, बर्फी, बोतलबंद पानी, आइसक्रीम समेत कई खाद्य वस्तुओं के नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे थे। इन खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता खराब पाई गई थी।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ न्यायालय में वाद दायर किया था। सुनवाई के बाद एडीएम वित्त एवं राजस्व की अदालत ने सभी मामलों में दोषी पाए गए विक्रेताओं पर आर्थिक दंड लगाया।
जांच रिपोर्ट में रस्क की गुणवत्ता खराब पाए जाने के मामले में गोरखपुर जिले के बेलघाट थाना क्षेत्र स्थित कूरी बाजार के विक्रेता सदानंद गुप्ता पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
इसी मामले में शिवम जनरल स्टोर के मालिक रामचंदर पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं, रस्क के आपूर्तिकर्ता गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) स्थित क्रेजी स्नैक्स प्राइवेट लिमिटेड पर एक लाख रुपये का आर्थिक दंड लगाया गया है।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, खाद्य वस्तुओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर बाजारों और दुकानों से नमूने एकत्र किए जाते हैं। इन नमूनों को जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला भेजा जाता है।
यदि जांच में खाद्य पदार्थों में गुणवत्ता की कमी या मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित विक्रेताओं और निर्माताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाती है।
अधिकारियों का कहना है कि लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। खाद्य कारोबारियों को भी नियमों का पालन करने के निर्देश दिए जाते हैं।
जांच में फेल हुए खाद्य पदार्थों में मिठाइयों से लेकर रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली वस्तुएं शामिल थीं। पेड़ा, बर्फी, वनस्पति तेल, बोतलबंद पानी और आइसक्रीम जैसे उत्पादों की गुणवत्ता पर सवाल उठने के बाद विभाग ने कार्रवाई की।
खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, मिलावटी या खराब गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों का सेवन लोगों के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए खाद्य सामग्री की नियमित जांच जरूरी है।
विभाग ने खाद्य कारोबारियों को चेतावनी दी है कि मानकों की अनदेखी करने पर आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यापारियों के खिलाफ जुर्माने के साथ अन्य कानूनी कदम भी उठाए जा सकते हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई से जिले के खाद्य कारोबारियों में सतर्कता बढ़ गई है। विभाग अब भी अलग-अलग क्षेत्रों में जांच अभियान चला रहा है।
अधिकारियों ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे खाद्य पदार्थ खरीदते समय गुणवत्ता और पैकिंग की जांच जरूर करें। किसी भी संदिग्ध खाद्य सामग्री की जानकारी विभाग को दी जा सकती है।
एडीएम कोर्ट द्वारा की गई इस कार्रवाई को खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विभाग का कहना है कि लोगों के स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।