कमाल अख्तर ने पद छोड़कर बढ़ाई राजनीतिक हलचल

Update: 2026-06-30 14:06 GMT

उत्तर प्रदेश:  राजनीति में समाजवादी पार्टी के भीतर बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला है। यूपी विधानसभा में सपा के मुख्य सचेतक और कांठ से विधायक कमाल अख्तर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे के बाद पार्टी के अंदर नई राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं और संगठन में हलचल बढ़ गई है।

कमाल अख्तर ने इस्तीफे की पुष्टि करते हुए कहा कि उन्होंने यह फैसला पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर लिया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष का आदेश उनके लिए सर्वोपरि है और वह पार्टी नेतृत्व के हर निर्णय का सम्मान करते हैं। उनके इस बयान से यह स्पष्ट हुआ कि इस्तीफा संगठनात्मक निर्णय का हिस्सा है। इस घटनाक्रम से पहले सपा सांसद रुचि वीरा और कमाल अख्तर के बीच अनबन की चर्चाएं लगातार चल रही थीं। बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच मतभेद लोकसभा चुनाव 2024 के समय से ही बने हुए थे। हालांकि यह विवाद अब तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया था।

विवाद उस समय खुलकर सामने आया जब 14 जून को मुरादाबाद में आयोजित पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) सम्मान सम्मेलन में रुचि वीरा को न तो आमंत्रित किया गया और न ही कार्यक्रम के प्रचार सामग्री में उनकी तस्वीर शामिल की गई। इस घटना के बाद उन्होंने नाराजगी जताई थी। स्थिति को संभालने के लिए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में एक आपात बैठक बुलाई थी, जिसमें सांसद रुचि वीरा, राज्यसभा सांसद जावेद अली, पूर्व मंत्री कमाल अख्तर और पूर्व विधायक यूसुफ अंसारी शामिल हुए थे। इसके बावजूद अब कमाल अख्तर के इस्तीफे से पार्टी के भीतर गुटबाजी और असंतोष की चर्चाएं और तेज हो गई हैं।

राजनीतिक गलियारों में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या यह इस्तीफा केवल संगठनात्मक निर्णय है या इसके पीछे अंदरूनी खींचतान भी एक बड़ा कारण है। फिलहाल सपा नेतृत्व की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। कमाल अख्तर के इस्तीफे के बाद यूपी विधानसभा में सपा की रणनीति और नेतृत्व संरचना में बदलाव की संभावना भी जताई जा रही है। आने वाले दिनों में इस पूरे मामले पर पार्टी की अगली प्रतिक्रिया पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।

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