जौनपुर : उत्तर प्रदेश के जौनपुर में 22 साल पुराने चर्चित आशीष मौर्य हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अगस्त 2004 में हुई इस हत्या के मामले में 22 साल 10 दिन बाद अगस्त 2026 में ही फैसला आया। अदालत ने चार आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।

मामला जौनपुर के लाइन बाजार थाना क्षेत्र के मियांपुर का है। 16 अगस्त 2004 को जमीन विवाद को लेकर हुए विवाद में आशीष कुमार मौर्य की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के समय दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था।
जमीन विवाद ने लिया था खूनी रूप
अभियोजन के अनुसार, घटना वाले दिन विवादित जमीन पर कब्जे को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए थे। आरोप था कि इसी दौरान फायरिंग हुई, जिसमें आशीष मौर्य की मौत हो गई। इस घटना में कई अन्य लोग भी घायल हुए थे। मामले में पुलिस ने जांच के बाद आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया था। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर चार आरोपियों को हत्या का दोषी माना। इनमें मनोज कुमार मौर्य, अश्वनी कुमार मौर्य, आशीष मौर्य और पवन कुमार मौर्य शामिल हैं। सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।
22 साल बाद मिला न्याय
आशीष हत्याकांड का फैसला आने में दो दशक से ज्यादा समय लग गया। घटना अगस्त 2004 में हुई थी और फैसला भी अगस्त 2026 में आया। इस तरह घटना और फैसले के बीच 22 साल 10 दिन का अंतर रहा। मृतक के परिजनों ने अदालत के फैसले पर संतोष जताते हुए कहा कि देर से ही सही, उन्हें न्याय मिला है। वहीं, दोषियों के पक्ष की ओर से आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाने की बात कही गई है।
राजनीतिक जुड़ाव को लेकर भी चर्चा
इस मामले में दोषी ठहराए गए मनोज कुमार मौर्य को जौनपुर से सपा सांसद बाबू सिंह कुशवाहा का प्रतिनिधि बताया गया है। अदालत के फैसले के बाद यह मामला राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गया है। 22 साल पुराने इस हत्याकांड में आए फैसले ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बावजूद गंभीर अपराधों में अदालतें साक्ष्यों के आधार पर फैसला सुनाती हैं।

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