जौनपुर: जौनपुर स्थित एआरटीओ कार्यालय में आज सुबह वाराणसी के सम्भागीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) शिखर ओझा ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों तक की लापरवाही उजागर हो गई।

अधिकांश कर्मचारी अनुपस्थित मिले

आरटीओ शिखर ओझा सुबह 10:05 बजे जब एआरटीओ कार्यालय पहुंचे तो वहां मात्र दो बाबू मौजूद थे। शेष सभी अधिकारी और कर्मचारी नदारत थे। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए आरटीओ ने गैरहाजिर कर्मियों को अनुपस्थित मानते हुए उनसे स्पष्टीकरण तलब किया है।

कर्मचारियों की मनमानी से जनता परेशान

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, एआरटीओ कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारी पूरी तरह बेलगाम हो चुके हैं। वे अपनी मर्जी से कार्यालय आते हैं और काम करने या न करने का फैसला भी अपनी सुविधा के अनुसार करते हैं। इस लापरवाही के कारण मोटर मालिकों और आम जनता को कार्यों के लिए भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। इसके साथ ही उन्हें मानसिक और आर्थिक शोषण का भी सामना करना पड़ता है।

ओझा ने मीडिया को बताया कि निरीक्षण के दौरान मौके पर केवल दो बाबू उपस्थित मिले। आरआई गाजीपुर गए हुए थे, जबकि दोनों एआरटीओ समेत अन्य सभी कर्मचारी नदारत थे। इस लापरवाही को लेकर अनुपस्थित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

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