हैती के फॉरेन सर्विस ऑफिसर मार्कन लव ग्लोयर का बयान, बोले- फिर लौटना चाहूंगा इंडिया

Update: 2025-11-02 16:12 GMT
Lucknow लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। भारत और हैती के बीच सांस्कृतिक रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं। इसी कड़ी में हैती (Haiti) के विदेश सेवा अधिकारी मार्कन लव ग्लोयर जेंस गुएरियर (Marcken Love Gloire Gens Guerrier) ने भारत की संस्कृति, लोगों और सभ्यता की खुलकर सराहना की है। उन्होंने कहा कि भारत में उन्हें एक नई सभ्यता और जीवन शैली को करीब से जानने का अवसर मिला, जो उनके लिए बेहद प्रेरणादायक रहा।
गुरुवार को लखनऊ प्रवास के दौरान बातचीत में मार्कन लव ग्लोयर ने कहा,
“भारत में कई चीजें अद्भुत हैं। मुझे यहां के लोग बहुत पसंद आए। उनकी आत्मीयता, आतिथ्य और सरल जीवनशैली ने दिल छू लिया। मुझे इस नई सभ्यता और संस्कृति को जानने का अवसर मिला, जो बहुत समृद्ध है। मैं अपने साथियों से बात करूंगा और शायद फिर से भारत लौटूंगा। मुझे यह देश वास्तव में बहुत पसंद आया।”
भारत यात्रा से गहरा जुड़ाव
हैती के इस अधिकारी ने कहा कि भारत का प्राचीन इतिहास, परंपराएं और आधुनिक विकास का संतुलन बेहद प्रेरक है। उन्होंने बताया कि वे भारत के शिक्षा और तकनीकी क्षेत्र में भी गहरी रुचि रखते हैं।
ग्लोयर ने कहा, “भारत न केवल दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक है, बल्कि यह आज सबसे तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्थाओं में भी शामिल है। यहां के लोगों की मेहनत और नवाचार ने मुझे प्रभावित किया।”
सांस्कृतिक अनुभव और लोगों का अपनापन
भारत प्रवास के दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की तहज़ीब और मेहमाननवाज़ी का अनुभव किया। उन्होंने कहा कि लखनऊ की गलियों में इतिहास बसता है और यहां के लोग बेहद गर्मजोशी से मेहमानों का स्वागत करते हैं।
उन्होंने कहा कि भारत में उन्हें हर जगह विविधता और एकता का अद्भुत संगम देखने को मिला — चाहे वह खानपान हो, पहनावा हो या भाषा।
“भारत आने से पहले मैंने केवल किताबों में पढ़ा था कि यह विविधताओं का देश है, लेकिन अब जब इसे खुद देखा तो महसूस हुआ कि यहां हर संस्कृति का अपना रंग है और हर व्यक्ति में अपनापन झलकता है।”
भारत-हैती रिश्तों पर बोले अधिकारी
मार्कन लव ग्लोयर ने कहा कि भारत और हैती के बीच शिक्षा, स्वास्थ्य और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग की बड़ी संभावनाएं हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों देशों के बीच आपसी समझ और साझेदारी को आगे बढ़ाने में इस तरह के दौरे अहम भूमिका निभाएंगे।
उन्होंने भारतीय विदेश मंत्रालय और स्थानीय प्रशासन के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उन्हें यहां पूरा सहयोग और सम्मान मिला। उन्होंने कहा कि “भारत जैसा अनुभव मुझे पहले कभी नहीं मिला। यह यात्रा मेरे जीवन की सबसे यादगार यात्राओं में से एक रहेगी।”
भारतीय संस्कृति का वैश्विक प्रभाव
ग्लोयर ने कहा कि योग, आयुर्वेद, बॉलीवुड और भारतीय भोजन जैसी चीज़ें पूरी दुनिया में भारत की पहचान हैं। उन्होंने कहा कि “भारत ने दुनिया को दिखाया है कि परंपरा और प्रगति साथ-साथ चल सकते हैं।”
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