लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को प्रदेश के लाखों रसोइयों को बड़ी सौगात देने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री पोषण योजना (पीएम पोषण) के तहत परिषदीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों को अब बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राजधानी लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित एक विशेष समारोह में 3.53 लाख रसोइयों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरित करेंगे।
इस पहल का उद्देश्य विद्यालयों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने वाले रसोइयों को स्वास्थ्य संबंधी आर्थिक परेशानियों से राहत देना है। लंबे समय से स्कूलों में कार्यरत ये रसोइये बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। सरकार का मानना है कि बच्चों को स्वस्थ भोजन उपलब्ध कराने वाले इन कर्मियों का स्वयं स्वस्थ रहना भी बेहद जरूरी है।
पीएम पोषण योजना से जुड़े रसोइयों को मिलेगा लाभ
प्रदेश के परिषदीय और एडेड स्कूलों में पीएम पोषण योजना के तहत बड़ी संख्या में रसोइये कार्यरत हैं। ये रसोइये प्रतिदिन लाखों विद्यार्थियों के लिए भोजन तैयार करते हैं। अब कैशलेस चिकित्सा कार्ड मिलने के बाद उन्हें इलाज के दौरान आर्थिक सहायता और स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुंच मिल सकेगी।
सरकार की इस योजना से रसोइयों और उनके परिवारों को भी राहत मिलने की उम्मीद है। बीमारी या आपात स्थिति में इलाज के खर्च का बोझ कम होगा और उन्हें समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में होगा कार्यक्रम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में इस कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। समारोह में प्रदेश के विभिन्न जिलों से जुड़े रसोइये और विभागीय अधिकारी शामिल होंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री लाभार्थियों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड सौंपेंगे।
कार्यक्रम को लेकर प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सरकार इस आयोजन के जरिए प्रदेश के रसोइयों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और सम्मान का संदेश देना चाहती है।
रसोइयों के हित में सरकार के लगातार प्रयास
उत्तर प्रदेश सरकार लगातार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से रसोइयों के कल्याण पर ध्यान दे रही है। स्कूलों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने में रसोइयों की भूमिका अहम मानी जाती है। सरकार समय-समय पर उनके मानदेय, सुविधाओं और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी कदम उठाती रही है।
कैशलेस चिकित्सा कार्ड की सुविधा इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। इससे रसोइयों को निजी अस्पतालों या अन्य चिकित्सा संस्थानों में इलाज कराने के दौरान आर्थिक परेशानियों का सामना कम करना पड़ेगा।
स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम
प्रदेश में बड़ी संख्या में रसोइये सीमित संसाधनों के बीच काम करते हैं। ऐसे में बीमारी के समय इलाज का खर्च उनके लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलने से उन्हें समय पर उपचार मिल सकेगा और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का बेहतर समाधान हो पाएगा।
सरकार का लक्ष्य है कि पीएम पोषण योजना को मजबूत बनाने के साथ-साथ इससे जुड़े कर्मचारियों के हितों का भी ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा कार्ड वितरण कार्यक्रम को इसी प्रयास की एक कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
लाखों परिवारों को मिलेगी राहत
3.53 लाख रसोइयों को मिलने वाली यह सुविधा केवल कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इससे उनके परिवारों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। स्वास्थ्य खर्च में राहत मिलने से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और वे बिना चिंता के अपना इलाज करा सकेंगे।
रसोइयों का कहना है कि सरकार की यह पहल उनके लिए बड़ी मदद साबित होगी। लंबे समय से स्कूलों में सेवा दे रहे इन कर्मियों को अब स्वास्थ्य सुरक्षा का भरोसा मिलेगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह कार्यक्रम प्रदेश सरकार की उन योजनाओं में शामिल है, जिनका उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक सरकारी सुविधाओं का लाभ पहुंचाना है। कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरण के बाद प्रदेश के हजारों रसोइयों को स्वास्थ्य सुरक्षा का नया सहारा मिलेगा।