उत्तर प्रदेश: राजनीति में जयंत चौधरी और जाट समाज को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने समाजवादी पार्टी (SP) पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव जयंत चौधरी का अपमान कर रहे हैं और सपा प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने पूरे जाट समाज को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की है। राकेश त्रिपाठी ने कहा कि समाजवादी पार्टी को अपने राजनीतिक इतिहास को याद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह यादव ने चौधरी चरण सिंह के मार्गदर्शन में राजनीति की शुरुआती सीख ली थी, लेकिन आज उसी राजनीतिक विरासत वाली पार्टी के नेता जाट समाज के प्रति इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं।
BJP प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि सपा नेताओं के बयानों से जाट समाज की भावनाओं को ठेस पहुंची है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी को सभी वर्गों का सम्मान करना चाहिए और किसी भी समुदाय के खिलाफ टिप्पणी करने से बचना चाहिए। राकेश त्रिपाठी ने कहा कि जयंत चौधरी और उनका राजनीतिक परिवार पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह किसानों और ग्रामीण भारत की आवाज के रूप में पहचाने जाते हैं और उनका सम्मान सभी राजनीतिक दलों को करना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ सपा नेतृत्व जयंत चौधरी पर निशाना साध रहा है, वहीं दूसरी ओर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के बयान से पूरे जाट समुदाय को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। BJP नेता ने कहा कि ऐसे बयानों से समाज में गलत संदेश जाता है। दरअसल, उत्तर प्रदेश की राजनीति में जाट वोट बैंक का खास महत्व रहा है। पश्चिमी यूपी में जाट समुदाय लंबे समय से चुनावी समीकरणों को प्रभावित करता रहा है। ऐसे में जयंत चौधरी और जाट समाज से जुड़े मुद्दे पर राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी को आगामी राजनीतिक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
BJP ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी को अपने नेताओं के बयानों पर नियंत्रण रखना चाहिए। राकेश त्रिपाठी ने कहा कि किसी भी समाज या समुदाय के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली राजनीति स्वीकार नहीं की जाएगी। वहीं, इस पूरे मामले में समाजवादी पार्टी की ओर से अभी कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, उत्तर प्रदेश की राजनीति में जातीय समीकरणों को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जाट समाज से जुड़े मुद्दे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में चुनावी दृष्टि से बेहद अहम हैं। ऐसे में BJP और SP के बीच यह विवाद आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है।
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