लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्कूलों से जुड़े भ्रामक और गलत जानकारी वाले वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि बिना तथ्य जांचे स्कूलों की छवि खराब करने वाले वीडियो वायरल करने वालों पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाए।
सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली किसी भी सामग्री की सत्यता की जांच की जाए। यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर गलत जानकारी फैलाकर शिक्षा व्यवस्था को बदनाम करने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
भ्रामक वीडियो से स्कूलों की छवि खराब करने पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग अधूरी जानकारी या गलत तथ्यों के आधार पर वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित करते हैं, जिससे सरकारी स्कूलों और शिक्षकों की छवि प्रभावित होती है। ऐसे मामलों में प्रशासन को तुरंत जांच कर दोषियों के खिलाफ कदम उठाने होंगे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वास्तविक समस्याओं का समाधान किया जाए, लेकिन झूठी खबरों और अफवाहों के जरिए भ्रम फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
अधिकारियों को निगरानी बढ़ाने के निर्देश
सीएम योगी ने जिला स्तर के अधिकारियों को स्कूलों की स्थिति पर नजर रखने और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो की जांच करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि किसी भी स्कूल या शिक्षक के संबंध में गलत सूचना प्रसारित न हो। इसके साथ ही अधिकारियों को स्कूलों में व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करने और कमियों को दूर करने के लिए भी कहा गया है।
बिना अनुमति वीडियो बनाने पर भी सख्ती
उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में सरकारी स्कूलों में बिना अनुमति वीडियो बनाने और बाहरी लोगों के प्रवेश को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इससे बच्चों की सुरक्षा और पढ़ाई का माहौल प्रभावित हो सकता है। प्रशासन का उद्देश्य है कि स्कूलों से जुड़ी सही जानकारी ही सार्वजनिक हो और किसी भी तरह की अफवाह से बचा जा सके।
शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। स्कूलों में सुविधाओं, शिक्षकों की उपलब्धता और छात्रों के हितों को प्राथमिकता दी जा रही है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अगर किसी स्कूल में वास्तविक समस्या है तो उसका समाधान किया जाए, लेकिन गलत तथ्यों के आधार पर भ्रम फैलाने वालों पर कार्रवाई जरूरी है।
सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी से जानकारी साझा करने की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी वीडियो या खबर को साझा करने से पहले उसकी पुष्टि जरूर करें। गलत जानकारी फैलाने से समाज में भ्रम पैदा होता है और निर्दोष लोगों की छवि प्रभावित हो सकती है।
सरकार के इस कदम के बाद स्कूलों से जुड़े वायरल वीडियो और सोशल मीडिया गतिविधियों पर प्रशासन की निगरानी और बढ़ने की संभावना है।
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