Chitrakoot: उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में गूगल मैप पर आंख बंद करके भरोसा करना एक शख्स के लिए जानलेवा साबित होते-होते बचा। रास्ता दिखाने वाले ऐप के सहारे आगे बढ़ रहा एलआईसी शाखा प्रबंधक अचानक उफनती धारा में फंस गया। पानी के तेज बहाव में उसकी कार बह गई, जिसके बाद उसने पेड़ पकड़कर अपनी जान बचाई।

घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि शख्स गूगल मैप के बताए रास्ते पर आगे बढ़ रहा था, लेकिन रास्ता उसे ऐसे स्थान पर ले गया जहां पानी का बहाव तेज था। देखते ही देखते कार पानी में बहने लगी और चालक की जान खतरे में पड़ गई।
कार बहने लगी तो पेड़ बना सहारा
मुश्किल हालात में फंसे शख्स ने हिम्मत नहीं हारी। जैसे ही कार पानी के तेज बहाव में बहने लगी, उसने किसी तरह बाहर निकलकर पास के पेड़ को पकड़ लिया। कई घंटे तक वह पेड़ के सहारे लटका रहा और मदद का इंतजार करता रहा। स्थानीय लोगों को जब घटना की जानकारी मिली तो उन्होंने राहत की कोशिशें शुरू कीं। बाद में बचाव दल की मदद से उसे सुरक्षित बाहर निकाला गया।
गूगल मैप पर आंख बंद करके भरोसा पड़ा भारी
आज के समय में लोग अनजान रास्तों पर पहुंचने के लिए गूगल मैप का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन कई बार गलत जानकारी या अपडेट न होने के कारण यह परेशानी का कारण बन सकता है। इससे पहले भी कई जगहों पर गूगल मैप के बताए रास्ते पर चलने से वाहन गलत दिशा में पहुंचने के मामले सामने आ चुके हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि खासकर बारिश के मौसम में नदी, नाले और ग्रामीण इलाकों के रास्तों पर सिर्फ ऑनलाइन मैप के भरोसे यात्रा करना खतरनाक हो सकता है।
प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की
बारिश के मौसम में नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी जाती है। प्रशासन लोगों से अपील करता रहा है कि अनजान रास्तों पर जाने से पहले स्थानीय लोगों से जानकारी जरूर लें। चित्रकूट की इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि तकनीक की मदद लेते समय भी सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।

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