Ghazipur: उत्तर प्रदेश में गाजीपुर जिले के दुल्लहपुर इलाके के जमसड़ा गांव में 3 और 4 अक्टूबर को हुई भारी बारिश के बाद एक अनोखी घटना देखने को मिली। जहां के हैंडपंप और ट्यूबवेल से अचानक मछलियां निकलने लगीं, जिसे देखकर गांव वाले दंग रह गए।
मिली जानकारी के मुताबिक, गांव के रहने वाले नंदलाल कुशवाहा ने बताया कि उनके ट्यूबवेल से करीब सवा किलो मछलियां निकलीं। इनमें सिंघी, टेगना, गिरई और गोईजा जैसी मछलियां थीं। नंदलाल ने कहा कि उन्होंने यह ट्यूबवेल 25-30 साल पहले लगवाया था, लेकिन इतने वर्षों में पहली बार उन्होंने ऐसा देखा है। 5 अक्टूबर की सुबह जब उन्होंने पानी निकाला, तो मछलियां बाहर तैर रही थीं। सिर्फ नंदलाल ही नहीं, बल्कि गांव के कई लोग इस घटना के गवाह बने। सीता कुशवाहा और प्रमिला देवी के यहां लगे हैंडपंप से भी मछलियां निकलने लगीं। प्रमिला देवी ने बताया कि जब उन्होंने हैंडपंप चलाया तो तीन छोटी मछलियां बाल्टी में आ गईं, जिसे देखकर वह हैरान रह गईं। वहीं चंपा देवी ने बताया कि जब वे नल से पानी भर रही थीं, तो अचानक उनके हाथ पर मछली आ गई, जिसे देखकर वह दंग रह गईं।
गांव के लोगों का कहना है कि 4 अक्टूबर की बारिश के बाद जमीन के नीचे जलस्तर बढ़ गया। इसी वजह से आसपास के तालाबों और जलाशयों की मछलियां गलती से ट्यूबवेल और हैंडपंप के पाइपों में घुस गईं। इससे नल का पानी पीला और बदबूदार हो गया, जो गांव वालों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। कई घरों के पालतू जानवर भी इस पानी को पीने से मना कर रहे हैं। इस वजह से लोग खाना बनाने और पीने के लिए आरओ का पानी मंगाने को मजबूर हो गए हैं।
यह घटना ना सिर्फ जमसड़ा गांव में, बल्कि आस-पास के इलाकों में भी चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग इस अनोखी घटना को देखने के लिए गांव आने लगे हैं। कुछ लोग इसे प्रकृति का अद्भुत चमत्कार कह रहे हैं, तो कुछ इसे जलस्रोतों के आपसी संपर्क और भूगर्भीय बदलाव का नतीजा मान रहे हैं। खंड विकास अधिकारी भीमराव प्रसाद ने बताया कि यह मामला जलकल विभाग की जांच का विषय है। प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं और जल्द ही जांच टीम गांव भेजी जाएगी।