हाथरस : बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद ने सोमवार को उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के सादाबाद से पार्टी के चुनावी अभियान का आगाज किया। विधानसभा स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आकाश आनंद ने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कार्यकर्ताओं और जनता से सरकार के पिछले 10 साल के कार्यकाल का हिसाब मांगने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता के पास सरकार से सवाल पूछने और अपना फैसला सुनाने की सबसे बड़ी ताकत होती है।
आकाश आनंद ने अपने संबोधन में भारतीय जनता पार्टी के साथ-साथ समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को भी निशाने पर लिया। उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर तंज कसते हुए दोनों नेताओं को ‘अंकल’ कहकर संबोधित किया। आकाश ने कहा कि उनकी उम्र 30 साल है, जबकि राहुल गांधी और अखिलेश यादव उनसे काफी बड़े हैं और दोनों की उम्र 50 साल से अधिक है। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज में अपने से बड़े लोगों को सम्मान के तौर पर अंकल कहकर संबोधित किया जाता है।
आकाश आनंद ने कार्यकर्ताओं से कहा कि उन्हें राहुल गांधी और अखिलेश यादव की बातों में नहीं आना चाहिए। उन्होंने अखिलेश यादव के पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक से जुड़े राजनीतिक दावे पर भी सवाल उठाए। आकाश ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब रही और दंगे होते थे। वहीं राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि राहुल गांधी संविधान की किताब लेकर घूमते हैं, लेकिन उनके वादों की तरह वह किताब भी खाली है।
बसपा नेता ने भाजपा सरकार के करीब 10 साल के कार्यकाल को लेकर भी कई सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी उपलब्धियों के प्रचार के लिए जनता के टैक्स का पैसा विज्ञापनों पर खर्च कर रही है। आकाश आनंद ने दावा किया कि करीब सात हजार करोड़ रुपये विज्ञापनों पर खर्च किए गए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार के पास विज्ञापनों पर इतना पैसा खर्च करने के लिए संसाधन हैं, तो जरूरतमंद परिवारों और युवाओं से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए पर्याप्त संसाधन क्यों नहीं हैं।
आकाश आनंद ने रोजगार और सरकारी नौकरियों के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में चार लाख से अधिक सरकारी पद खाली हैं। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में युवा रोजगार की तलाश में हैं, लेकिन सरकार युवाओं को पर्याप्त अवसर देने में गंभीर दिखाई नहीं देती। उन्होंने पेपर लीक की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि अगर विज्ञापनों पर खर्च होने वाली रकम का इस्तेमाल प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था मजबूत करने और पेपर लीक रोकने के लिए किया जाता तो बड़ी संख्या में युवाओं को इसका फायदा मिल सकता था।
उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी भाजपा सरकार पर हमला बोला। आकाश आनंद ने दावा किया कि प्रदेश में 25 हजार से अधिक स्कूल बंद किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन स्कूलों में गरीब और वंचित वर्ग के बच्चे पढ़ते थे। उनके मुताबिक शिक्षा, रोजगार और सुरक्षा जैसे मुद्दे सीधे तौर पर आम परिवारों और युवाओं के भविष्य से जुड़े हैं, इसलिए चुनाव के दौरान इन सवालों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भी बसपा नेता ने सरकार को घेरा। उन्होंने सवाल किया कि प्रदेश में वास्तव में कानून का राज है या पुलिस और अपराधियों का प्रभाव बढ़ रहा है। उन्होंने झांसी के अस्पताल में बच्चों की मौत का भी उल्लेख करते हुए सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए। आकाश आनंद ने आरोप लगाया कि सरकार के पास विज्ञापन और प्रचार के लिए पैसा है, लेकिन गंभीर घटनाओं के बाद पीड़ित परिवारों की मदद के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं कराए जाते।
आकाश आनंद ने कार्यकर्ताओं से आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अभी से सक्रिय होने की अपील की। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान जनता को सरकार से पिछले 10 वर्षों का हिसाब मांगना चाहिए। उन्होंने कहा कि संविधान ने देश के नागरिकों को अपनी सरकार चुनने का अधिकार दिया है और लोकतंत्र में अंतिम फैसला जनता का होता है।
अपने संबोधन के अंत में आकाश आनंद ने बसपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों से पार्टी को मजबूत करने तथा आगामी चुनाव में बसपा के पक्ष में मतदान करने की अपील की। उन्होंने लोगों से हाथी चुनाव चिह्न का बटन दबाने का आह्वान किया। सादाबाद से चुनावी अभियान की शुरुआत के साथ बसपा ने उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी राजनीतिक सक्रियता बढ़ाने के संकेत दिए हैं।
Tags: