Bulandshahr बुलंदशहर :   साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान ऑपरेशन Cy-Vajra के तहत बुलंदशहर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई साइबर ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे म्यूल बैंक अकाउंट की जांच के आधार पर की। आरोपी पर साइबर अपराधियों को बैंक खाता उपलब्ध कराने का आरोप है।

पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिंह के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक अपराध नरेश कुमार के पर्यवेक्षण में थाना जहांगीराबाद पुलिस द्वारा की गई। पुलिस टीम ने साइबर अपराध से जुड़े मामलों की जांच करते हुए आरोपी तक पहुंच बनाई।

अधिकारियों ने बताया कि एनसीआरपी (NCRP) पोर्टल और समन्वय पोर्टल पर दर्ज साइबर अपराध संबंधी शिकायतों के विश्लेषण के दौरान एक बैंक खाते के खिलाफ कई शिकायतें सामने आई थीं। जांच में पता चला कि उक्त बैंक खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम देने के लिए किया गया था।

पुलिस जांच में सामने आया कि यह बैंक खाता महाराष्ट्र, तेलंगाना और बिहार सहित कई राज्यों में दर्ज साइबर अपराधों से जुड़ा हुआ था। जांच के दौरान करीब 5,500 रुपये की साइबर धोखाधड़ी का मामला भी प्रकाश में आया। इसके बाद पुलिस ने खाते से संबंधित जानकारी जुटाई और आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, साइबर अपराधी अक्सर ठगी की रकम को ट्रांसफर करने के लिए ऐसे बैंक खातों का इस्तेमाल करते हैं, जिन्हें म्यूल अकाउंट कहा जाता है। इन खातों के जरिए अपराधी अपनी पहचान छिपाने और पुलिस जांच से बचने की कोशिश करते हैं। ऐसे खातों की पहचान कर उनके संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करना साइबर अपराध रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

बुलंदशहर पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ की जा रही है, ताकि साइबर ठगी से जुड़े अन्य लोगों और नेटवर्क का पता लगाया जा सके। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने किस तरह से बैंक खाता उपलब्ध कराया और उसके संपर्क किन साइबर अपराधियों से थे।

अधिकारियों ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, ओटीपी या अन्य बैंकिंग जानकारी साझा न करें। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधियों द्वारा नए-नए तरीकों से लोगों को ठगा जा रहा है, इसलिए सतर्कता बेहद जरूरी है।

पुलिस ने स्पष्ट किया कि साइबर अपराधों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए ऑपरेशन Cy-Vajra के तहत लगातार अभियान जारी रहेगा। साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले बैंक खातों, फर्जी कॉल सेंटर और अपराधियों के नेटवर्क को चिन्हित कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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