गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में पुलिस विभाग से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। लाखों रुपये का लोन लेकर विदेश भागने की कोशिश कर रहे एक सिपाही को दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी सिपाही के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया था, जिसके आधार पर एयरपोर्ट सुरक्षा एजेंसियों ने उसे पकड़ लिया। बाद में गोरखपुर पुलिस उसे अपने साथ लेकर पहुंची और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई।
मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग में भी हड़कंप मच गया। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी सिपाही ने कितनी रकम का कर्ज लिया था और किन परिस्थितियों में वह विदेश जाने की कोशिश कर रहा था।
विदेश जाने की कोशिश में पकड़ा गया सिपाही
जानकारी के मुताबिक, आरोपी सिपाही पर आर्थिक अनियमितताओं और लोन से जुड़े मामलों में शिकायतें दर्ज थीं। इसके बाद उसके खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई थी।
इसी बीच आरोपी ने देश छोड़कर विदेश जाने की योजना बनाई। वह दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचा, लेकिन इमिग्रेशन जांच के दौरान उसका नाम सामने आ गया। लुकआउट सर्कुलर होने के कारण उसे तुरंत रोक लिया गया।
एयरपोर्ट अधिकारियों ने इसकी सूचना संबंधित पुलिस विभाग को दी, जिसके बाद गोरखपुर पुलिस की टीम दिल्ली पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर वापस लाई।
लाखों रुपये के लोन का मामला
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी सिपाही ने अलग-अलग माध्यमों से लाखों रुपये का लोन लिया था। आरोप है कि कर्ज लेने के बाद वह उसे चुकाए बिना विदेश जाने की तैयारी कर रहा था।
हालांकि, पुलिस अभी इस मामले में पूरी जानकारी जुटा रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि उसने कितने लोगों या संस्थाओं से पैसे लिए और क्या कोई अन्य व्यक्ति भी इसमें शामिल है।
लुकआउट सर्कुलर से हुई गिरफ्तारी
लुकआउट सर्कुलर (LOC) उन मामलों में जारी किया जाता है, जहां किसी व्यक्ति के देश छोड़कर जाने की आशंका होती है और जांच एजेंसियां उसे रोकना चाहती हैं।
आरोपी सिपाही के खिलाफ LOC जारी होने के कारण एयरपोर्ट पर ही उसकी पहचान हो गई। अगर यह कार्रवाई नहीं होती तो वह विदेश जाने में सफल हो सकता था।
पुलिस विभाग में मचा हड़कंप
एक पुलिसकर्मी के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई होने से विभाग में भी चर्चा शुरू हो गई है। अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून सभी के लिए समान है। अगर कोई पुलिसकर्मी भी किसी अपराध या नियम उल्लंघन में शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
आरोपी से पूछताछ जारी
गोरखपुर पहुंचने के बाद आरोपी सिपाही से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसने लोन क्यों लिया, भुगतान क्यों नहीं किया और विदेश जाने की योजना के पीछे उसका उद्देश्य क्या था।
इसके अलावा उसके बैंक खातों, संपत्ति और अन्य वित्तीय गतिविधियों की भी जांच की जा सकती है।
आर्थिक मामलों में बढ़ रही सख्ती
आजकल आर्थिक अपराधों और बैंकिंग धोखाधड़ी के मामलों में जांच एजेंसियां काफी सतर्कता बरत रही हैं। विदेश भागने की कोशिश करने वाले आरोपियों को रोकने के लिए एयरपोर्ट और इमिग्रेशन सिस्टम के जरिए निगरानी रखी जाती है।
इस मामले में भी इसी व्यवस्था के कारण आरोपी पुलिस की पकड़ में आ गया।
विभागीय कार्रवाई की तैयारी
पुलिस विभाग आरोपी सिपाही के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर सकता है। अगर जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी।
आगे की जांच में खुलेंगे कई राज
फिलहाल पुलिस आरोपी सिपाही से पूछताछ कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह पता चलेगा कि लोन की पूरी रकम कितनी थी, उसने किन-किन जगहों से कर्ज लिया था और क्या उसके खिलाफ पहले भी कोई शिकायत दर्ज थी।
दिल्ली एयरपोर्ट पर हुई इस गिरफ्तारी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि देश छोड़कर भागने की कोशिश करने वाले आरोपियों पर सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर रहती है।
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