लखनऊ। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। इसी बीच राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सहयोगी दल लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने राजधानी लखनऊ में अपने पिता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की छठी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की। गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल हुए और रामविलास पासवान को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री की मौजूदगी को भाजपा और उसके सहयोगी दलों के बीच राजनीतिक संबंधों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दूसरी ओर चिराग पासवान की पार्टी उत्तर प्रदेश में अपना संगठन मजबूत करने और आगामी विधानसभा चुनाव में भागीदारी बढ़ाने की तैयारी कर रही है।

लखनऊ में आयोजित हुई श्रद्धांजलि सभा

लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की उत्तर प्रदेश इकाई ने पार्टी के संस्थापक रामविलास पासवान की छठी पुण्यतिथि पर विशेष श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया।

यह आयोजन लखनऊ के सुल्तानपुर रोड स्थित दयाल बाग इको रिसॉर्ट में सुबह 11:30 बजे निर्धारित किया गया था।

कार्यक्रम में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान के साथ संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की भागीदारी रही।

पार्टी ने इस अवसर पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं को भी आमंत्रित किया था।

रामविलास पासवान के राजनीतिक और सामाजिक योगदान को याद करने के साथ यह आयोजन उत्तर प्रदेश में पार्टी की सक्रियता बढ़ाने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण रहा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दी श्रद्धांजलि

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामविलास पासवान की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

लखनऊ में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में मुख्यमंत्री की उपस्थिति रही।

मुख्यमंत्री योगी ने रामविलास पासवान के सामाजिक न्याय, समानता और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए किए गए कार्यों को याद किया।

उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री के सार्वजनिक जीवन और समाज के कमजोर वर्गों के प्रति उनके योगदान का सम्मान किया।

भाजपा और लोक जनशक्ति पार्टी केंद्र में एनडीए के सहयोगी हैं। ऐसे में श्रद्धांजलि कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की भागीदारी गठबंधन के नेताओं के बीच संपर्क के रूप में भी देखी जा रही है।

चिराग पासवान ने पिता को याद कर लिखा भावुक संदेश

रामविलास पासवान की पुण्यतिथि पर चिराग पासवान ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपने पिता को याद करते हुए भावुक संदेश साझा किया।

उन्होंने अपने बचपन की एक तस्वीर भी पोस्ट की, जिसमें वह अपनी बड़ी बहन के साथ पिता रामविलास पासवान के करीब दिखाई दे रहे हैं।

चिराग ने लिखा कि आज पार्टी की जिम्मेदारियां संभालते हुए उन्हें समझ आता है कि उनके पिता पर संगठन, परिवार और लाखों लोगों की उम्मीदों की कितनी बड़ी जिम्मेदारी थी।

उन्होंने अपने पिता को याद करते हुए लिखा कि काश वह एक बार फिर उन्हें गले लगा पाते।

उनकी इस पोस्ट में पिता के प्रति भावनात्मक लगाव और उनके राजनीतिक उत्तराधिकार की जिम्मेदारी का उल्लेख किया गया।

उत्तर प्रदेश में संगठन बढ़ाने की तैयारी

चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) अब बिहार के बाहर भी अपनी राजनीतिक गतिविधियों का विस्तार कर रही है।

उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसे देखते हुए पार्टी ने संगठनात्मक कार्यक्रम तेज कर दिए हैं।

पार्टी के नेताओं का कहना है कि वे प्रदेश में अपनी राजनीतिक उपस्थिति बढ़ाना चाहते हैं।

लखनऊ में रामविलास पासवान की पुण्यतिथि पर बड़ा कार्यक्रम आयोजित करना भी इसी संगठनात्मक सक्रियता का हिस्सा माना जा रहा है।

हालांकि, श्रद्धांजलि कार्यक्रम का घोषित उद्देश्य पूर्व केंद्रीय मंत्री को याद करना था।

सभी 403 विधानसभा सीटों पर तैयारी का दावा

चिराग पासवान ने उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर संगठनात्मक तैयारी करने की बात कही है।

उन्होंने स्पष्ट किया है कि पार्टी आने वाले विधानसभा चुनाव में भागीदारी को लेकर गंभीर है।

हालांकि, चुनाव में पार्टी कितनी सीटों पर प्रत्याशी उतारेगी, इसका अंतिम निर्णय अभी नहीं हुआ है।

चिराग के अनुसार, उनकी पार्टी फिलहाल सभी विधानसभा क्षेत्रों में संगठन मजबूत करने पर ध्यान दे रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि एनडीए में सीटों के बंटवारे को लेकर बातचीत होनी बाकी है। अगले एक-दो महीनों में इस विषय पर चर्चा होने की संभावना उन्होंने जताई है।

एनडीए में सीटों की हिस्सेदारी पर नजर

लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) केंद्र सरकार में एनडीए का हिस्सा है। चिराग पासवान केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

हालांकि, उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा और लोक जनशक्ति पार्टी के बीच सीटों के बंटवारे पर अभी कोई अंतिम घोषणा नहीं हुई है।

चिराग पासवान की पार्टी राज्य में अपनी राजनीतिक गतिविधियां बढ़ाने के साथ चुनावी भागीदारी की संभावनाओं पर विचार कर रही है।

पार्टी नेताओं की ओर से गठबंधन के तहत सीटों की हिस्सेदारी की मांग भी उठाई गई है।

ऐसे में आगामी समय में भाजपा और अन्य सहयोगी दलों के साथ होने वाली बातचीत महत्वपूर्ण होगी।

योगी के साथ अखिलेश और मायावती को भी भेजा गया निमंत्रण

रामविलास पासवान की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं को निमंत्रण भेजा गया था।

इनमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती के नाम भी शामिल थे।

पार्टी का कहना था कि रामविलास पासवान के विभिन्न दलों के नेताओं से राजनीतिक और व्यक्तिगत संबंध रहे हैं।

इसी वजह से श्रद्धांजलि कार्यक्रम में दलगत सीमाओं से ऊपर उठकर नेताओं को आमंत्रित किया गया।

हालांकि, सभी आमंत्रित नेताओं के कार्यक्रम में पहुंचने की पुष्टि नहीं हुई है।

अरुण भारती ने संभाली कार्यक्रम की तैयारी

लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के उत्तर प्रदेश प्रभारी एवं जमुई के सांसद अरुण भारती ने श्रद्धांजलि कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर जानकारी दी थी।

उन्होंने बताया था कि पार्टी की प्रदेश इकाई रामविलास पासवान की छठी पुण्यतिथि को विशेष रूप से मनाएगी।

अरुण भारती ने कहा था कि रामविलास पासवान के साथ राजनीतिक और सामाजिक जीवन में काम करने वाले नेताओं को कार्यक्रम में आमंत्रित किया जा रहा है।

उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से कार्यक्रम में भाग लेने की अपील भी की थी।

रामविलास पासवान का लंबा राजनीतिक सफर

रामविलास पासवान भारतीय राजनीति के प्रमुख दलित नेताओं में शामिल थे।

उन्होंने वर्ष 2000 में लोक जनशक्ति पार्टी की स्थापना की थी। इससे पहले वह कई वर्षों तक संसदीय राजनीति में सक्रिय रहे।

बिहार के हाजीपुर संसदीय क्षेत्र से उनका लंबा राजनीतिक संबंध रहा।

रामविलास पासवान ने विभिन्न केंद्र सरकारों में मंत्री के रूप में जिम्मेदारियां निभाईं।

उनका निधन 8 अक्टूबर 2020 को नई दिल्ली में हुआ था। वह 74 वर्ष के थे।

उनके निधन के बाद चिराग पासवान ने उनकी राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी संभाली।

विधानसभा चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक सक्रियता

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए लोक जनशक्ति पार्टी ने संगठनात्मक गतिविधियां बढ़ाई हैं।

पार्टी ने सितंबर में प्रयागराज में युवाओं से संवाद का कार्यक्रम आयोजित किया था।

इसके अतिरिक्त जुलाई में लखनऊ में प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक भी हुई थी।

इन कार्यक्रमों के माध्यम से पार्टी उत्तर प्रदेश में अपना संगठन विस्तार करने का प्रयास कर रही है।

चिराग पासवान ने विभिन्न क्षेत्रों में रैलियां और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित करने की योजना भी बनाई है।

श्रद्धांजलि कार्यक्रम से राजनीतिक चर्चा तेज

लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम के बाद लोक जनशक्ति पार्टी की उत्तर प्रदेश में भूमिका को लेकर राजनीतिक चर्चा बढ़ गई है।

एक ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामविलास पासवान को श्रद्धांजलि दी, वहीं दूसरी ओर चिराग पासवान की पार्टी आगामी चुनाव की तैयारियों में जुटी हुई है।

हालांकि, मुख्यमंत्री की श्रद्धांजलि सभा में भागीदारी को किसी चुनावी समझौते या सीट बंटवारे की औपचारिक सहमति के रूप में नहीं देखा जा सकता।

इस संबंध में भाजपा और लोक जनशक्ति पार्टी के बीच किसी अंतिम निर्णय की घोषणा नहीं हुई है।

फिलहाल चिराग पासवान उत्तर प्रदेश में पार्टी की संगठनात्मक मौजूदगी बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं।

लखनऊ में रामविलास पासवान की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम ने पार्टी की राजनीतिक सक्रियता को सामने रखा है। अब वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए के भीतर सीटों की हिस्सेदारी और लोक जनशक्ति पार्टी की चुनावी भूमिका पर नजर रहेगी।

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