नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी एकीकृत बिजली उत्पादन कंपनी एनटीपीसी (NTPC) द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित 'इलेक्ट्रॉन क्विज 2026-27' का गुरुवार, 8 अक्टूबर को सफलतापूर्वक समापन हो गया। युवाओं में ज्ञान, जिज्ञासा, तार्किक क्षमता और नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) मद्रास के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन किया। नोएडा में आयोजित ग्रैंड फिनाले में आईआईटी मद्रास के अद्विक काबरा और आशीष चेरियन थन्निकल ने पहला स्थान हासिल कर राष्ट्रीय चैंपियन का खिताब अपने नाम किया। खास बात यह रही कि प्रतियोगिता में दूसरा स्थान भी आईआईटी मद्रास की टीम को मिला, जबकि आईआईटी कानपुर की टीम तीसरे स्थान पर रही।
एनटीपीसी की इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता की शुरुआत 5 सितंबर को लखनऊ में क्षेत्रीय दौर के साथ हुई थी। इसके बाद देश के नौ अलग-अलग क्षेत्रीय केंद्रों पर क्विज प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। लगभग एक महीने तक चले विभिन्न मुकाबलों के बाद चयनित टीमों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता का अंतिम मुकाबला 8 अक्टूबर को नोएडा स्थित एनटीपीसी के पावर मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट में आयोजित किया गया।
ग्रैंड फिनाले में आईआईटी मद्रास के अद्विक काबरा और आशीष चेरियन थन्निकल की जोड़ी ने अपने ज्ञान, त्वरित जवाब देने की क्षमता और बेहतर तालमेल के दम पर पहला स्थान प्राप्त किया। दोनों प्रतिभागियों ने अंतिम दौर में अन्य संस्थानों की टीमों को पीछे छोड़ते हुए राष्ट्रीय विजेता का खिताब जीता।वहीं, आईआईटी मद्रास के ही श्रीराम माधवन वी और ईशान जोशी ने दूसरा स्थान हासिल किया। एक ही संस्थान की दो टीमों का प्रतियोगिता में पहले और दूसरे स्थान पर रहना आईआईटी मद्रास के लिए उल्लेखनीय उपलब्धि रही।
प्रतियोगिता में तीसरा स्थान भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर के वकार मोइद और पार्थ आर्य भट्ट ने हासिल किया। इन दोनों विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर पर अन्य प्रतिस्पर्धी टीमों के बीच अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया।राष्ट्रीय फाइनल के विजेताओं के लिए नकद पुरस्कार भी निर्धारित किए गए थे। पहले स्थान पर रहने वाली आईआईटी मद्रास की टीम को एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। दूसरे स्थान पर रही टीम को 60 हजार रुपये और तीसरा स्थान प्राप्त करने वाली आईआईटी कानपुर की टीम को 40 हजार रुपये दिए गए।
एनटीपीसी की ओर से आयोजित इस प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित रखने के बजाय व्यापक ज्ञान और विश्लेषणात्मक सोच विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करना है। प्रतियोगिता में देश के प्रमुख इंजीनियरिंग और प्रबंधन शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों को भाग लेने का अवसर दिया गया।इस वर्ष इलेक्ट्रॉन क्विज की थीम 'द वर्ल्ड ऑफ बिजनेस एंड मैनेजमेंट' रखी गई थी। इसके अंतर्गत व्यवसाय, प्रबंधन और संबंधित विषयों पर प्रतिभागियों के ज्ञान का परीक्षण किया गया। प्रत्येक टीम में दो विद्यार्थियों को शामिल किया गया था।
इस प्रतियोगिता में देशभर से 1,100 से अधिक टीमों ने भाग लिया। विभिन्न शिक्षण संस्थानों से आए विद्यार्थियों ने क्षेत्रीय और राष्ट्रीय मुकाबलों में अपनी जानकारी, तार्किक क्षमता और त्वरित निर्णय लेने के कौशल का प्रदर्शन किया।इलेक्ट्रॉन क्विज के क्षेत्रीय दौर देश के नौ शहरों में आयोजित किए गए। इनमें लखनऊ, पटना, रांची, रायपुर, मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद, कोलकाता और नोएडा शामिल थे। इस व्यवस्था के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय प्रतियोगिता में शामिल होने का अवसर मिला।
क्षेत्रीय स्तर पर प्रथम स्थान हासिल करने वाली टीम को 60 हजार रुपये, दूसरे स्थान की टीम को 40 हजार रुपये और तीसरे स्थान की टीम को 20 हजार रुपये की पुरस्कार राशि निर्धारित की गई थी। इसके अतिरिक्त चौथे से छठे स्थान पर रहने वाली टीमों के लिए भी सांत्वना पुरस्कार रखे गए थे।प्रत्येक क्षेत्रीय केंद्र से शीर्ष दो टीमों को राष्ट्रीय सेमीफाइनल में प्रवेश दिया गया। इसके बाद 7 अक्टूबर को नोएडा में तीन राष्ट्रीय सेमीफाइनल आयोजित किए गए। इन मुकाबलों से चयनित छह टीमों ने 8 अक्टूबर को आयोजित ग्रैंड फिनाले में हिस्सा लिया।
एनटीपीसी इलेक्ट्रॉन क्विज का आयोजन वर्ष 2004 से किया जा रहा है। पिछले दो दशकों से अधिक समय में इस प्रतियोगिता ने इंजीनियरिंग और प्रबंधन के विद्यार्थियों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई है। इसका उद्देश्य युवाओं को प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण में सीखने, सोचने और अपने ज्ञान का उपयोग करने के लिए प्रेरित करना हैएनटीपीसी का मानना है कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इनमें प्रतिभागियों को सामान्य शैक्षणिक ज्ञान के साथ विश्लेषणात्मक क्षमता, टीमवर्क और समय के भीतर सही निर्णय लेने के कौशल का उपयोग करना पड़ता है।
विद्यार्थियों के लिए ऐसी प्रतियोगिताएं अपनी प्रतिभा का मूल्यांकन करने का अवसर भी प्रदान करती हैं। अलग-अलग शिक्षण संस्थानों से आने वाले प्रतिभागियों के बीच मुकाबला होने से उन्हें अन्य विद्यार्थियों की तैयारी और ज्ञान को समझने का मौका मिलता है।एनटीपीसी देश की प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की ऊर्जा कंपनियों में शामिल है। बिजली उत्पादन के साथ कंपनी नवीकरणीय ऊर्जा और अन्य आधुनिक ऊर्जा तकनीकों के क्षेत्र में भी काम कर रही है। कंपनी ने वर्ष 2032 तक 60 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
ऊर्जा क्षेत्र में अपनी भूमिका के साथ एनटीपीसी शिक्षा, कौशल विकास और युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने वाली गतिविधियों में भी भागीदारी निभा रही है। इलेक्ट्रॉन क्विज इसी दिशा में आयोजित की जाने वाली प्रमुख प्रतियोगिताओं में शामिल है।वर्ष 2025 में आयोजित इलेक्ट्रॉन क्विज के राष्ट्रीय फाइनल में आईआईटी कानपुर की टीम ने पहला स्थान हासिल किया था। उस प्रतियोगिता में आईआईटी कानपुर के आदित्य पाढ़ी और स्पर्श प्रदीप जैन विजेता बने थे। वहीं, आईआईएम लखनऊ ने दूसरा और आईआईएम कलकत्ता ने तीसरा स्थान हासिल किया था।
इस बार आईआईटी मद्रास ने प्रतियोगिता में पहले दो स्थानों पर कब्जा जमाकर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। वहीं, पिछले संस्करण की विजेता संस्था आईआईटी कानपुर की टीम ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।एनटीपीसी इलेक्ट्रॉन क्विज 2026-27 का समापन युवाओं की प्रतिभा, ज्ञान और प्रतिस्पर्धात्मक भावना को प्रोत्साहित करने के संदेश के साथ हुआ। नौ क्षेत्रीय केंद्रों से शुरू हुई प्रतियोगिता में देशभर के विद्यार्थियों ने भाग लिया और राष्ट्रीय फाइनल में चयनित टीमों ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।
आईआईटी मद्रास के अद्विक काबरा और आशीष चेरियन थन्निकल की जीत इस वर्ष की प्रमुख उपलब्धि रही। प्रतियोगिता में आईआईटी मद्रास की दूसरी टीम ने उपविजेता स्थान हासिल किया, जबकि आईआईटी कानपुर तीसरे स्थान पर रहा।इस आयोजन के माध्यम से एनटीपीसी ने एक बार फिर विद्यार्थियों में सीखने की रुचि, तार्किक सोच और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के अपने उद्देश्य को आगे बढ़ाया है।