चितईपुर पुलिस ने महिला का ऑटो में छूटा बैग लौटाया UPI भुगतान से मिला चालक का नंबर
वाराणसी : चितईपुर पुलिस ने ईमानदारी और तत्परता का उदाहरण पेश करते हुए एक महिला का ऑटो में छूटा बैग वापस दिला दिया। महिला ने ऑटो का किराया यूपीआई के जरिए भुगतान किया था, जिसकी मदद से पुलिस को ऑटो चालक तक पहुंचने में सफलता मिली।
बैग में सोने के आभूषण, नकदी और अन्य जरूरी सामान रखा हुआ था। बैग सुरक्षित मिलने के बाद महिला और उसके परिवार ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की।
ऑटो में भूल गई थी बैग
पुलिस के अनुसार, प्रतापगढ़ निवासी दुर्गावती किसी काम से वाराणसी आई थीं। उन्होंने कैंट स्टेशन से अपने गंतव्य स्थान नेवादा, सुंदरपुर जाने के लिए एक ऑटो लिया था।
यात्रा पूरी होने के बाद वह ऑटो से उतर गईं, लेकिन जल्दबाजी में अपना बैग ऑटो में ही भूल गईं। कुछ समय बाद जब उन्हें बैग की याद आई तो ऑटो चालक वहां से जा चुका था।
महिला ने बैग वापस पाने के लिए काफी प्रयास किया, लेकिन ऑटो चालक से संपर्क नहीं हो सका।
बैग में थे सोने के गहने और नकदी
महिला ने पुलिस को बताया कि बैग में करीब 20 ग्राम सोने के आभूषण, 25 हजार रुपये नकद और अन्य जरूरी सामान रखा हुआ था।
बैग में मौजूद सामान की कीमत काफी अधिक थी, जिसके चलते महिला काफी परेशान हो गईं। इसके बाद उन्होंने मामले की जानकारी चितईपुर पुलिस को दी।
UPI भुगतान बना मददगार
मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस को पता चला कि महिला ने ऑटो चालक को किराये का भुगतान यूपीआई के माध्यम से किया था।
यूपीआई ट्रांजेक्शन की जानकारी के आधार पर पुलिस को ऑटो चालक का मोबाइल नंबर मिल गया। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने ऑटो चालक से संपर्क किया।
पुलिस से बातचीत के बाद ऑटो चालक ने बताया कि उसे बैग के बारे में जानकारी नहीं थी, लेकिन बैग उसके ऑटो में सुरक्षित रखा हुआ है।
चालक से संपर्क कर बरामद किया बैग
पुलिस ने ऑटो चालक से समन्वय स्थापित कर महिला का बैग बरामद कर लिया। इसके बाद बैग को जांच के बाद महिला को वापस सौंप दिया गया।
बैग में रखा सामान पूरी तरह सुरक्षित मिला। महिला ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई के लिए धन्यवाद दिया।
पुलिस की सतर्कता से मिली राहत
चितईपुर पुलिस की इस कार्रवाई से एक ओर जहां महिला को बड़ी राहत मिली, वहीं दूसरी ओर पुलिस की तकनीकी जांच और तत्परता भी सामने आई।
पुलिस ने बताया कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था कई मामलों में जांच के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रही है। यूपीआई ट्रांजेक्शन के जरिए आरोपी या संबंधित व्यक्ति तक पहुंचने में आसानी होती है।
ऑटो चालक की ईमानदारी भी आई सामने
इस मामले में ऑटो चालक की ईमानदारी भी सामने आई। बैग मिलने के बाद उसने उसे सुरक्षित रखा और पुलिस के संपर्क करने पर वापस कर दिया।
अगर ऑटो चालक बैग को अपने पास नहीं रखता या इसकी जानकारी नहीं देता तो महिला को काफी नुकसान उठाना पड़ सकता था।
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यात्रा के दौरान अपने सामान का ध्यान रखें। वाहन से उतरने से पहले अपने बैग और जरूरी सामान की जांच जरूर कर लें।
साथ ही पुलिस ने यह भी कहा कि डिजिटल भुगतान करते समय यह सुविधा कई बार उपयोगी साबित होती है, इसलिए संभव हो तो भुगतान का रिकॉर्ड जरूर रखें।
महिला ने पुलिस को दिया धन्यवाद
बैग वापस मिलने के बाद दुर्गावती ने चितईपुर पुलिस का आभार जताया। उन्होंने कहा कि बैग में रखे कीमती सामान के कारण वह काफी चिंतित थीं, लेकिन पुलिस की मदद से उन्हें उनका सामान वापस मिल गया।
इस घटना में पुलिस की सक्रियता और यूपीआई भुगतान की मदद से एक महिला को बड़ी राहत मिली। चितईपुर पुलिस की इस कार्रवाई की क्षेत्र में प्रशंसा हो रही है।