नोएडा। मेदांता ग्रुप के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. नरेश त्रेहान ने शनिवार को तंबाकू के सेवन को लेकर लोगों को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि तंबाकू का किसी भी रूप में सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक है। डॉ. त्रेहान ने भारत में दिल से जुड़ी बीमारियों के बढ़ते मामलों पर भी चिंता जताई और इसके पीछे कई कारणों का जिक्र किया।नोएडा में पत्रकारों से बातचीत के दौरान डॉ. नरेश त्रेहान ने कहा कि भारत में दिल की बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। खास तौर पर कोरोनरी आर्टरी डिजीज यानी हृदय की धमनियों से जुड़ी बीमारी के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। आम भाषा में इसे धमनियों में ब्लॉकेज की समस्या भी कहा जाता है।
डॉ. त्रेहान के मुताबिक, देश में दिल की बीमारियों के बढ़ते मामलों के पीछे कई कारण हैं। इनमें लोगों की खान-पान की आदतें, स्मोकिंग, तंबाकू का सेवन, डायबिटीज और मोटापा प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी कारकों का दिल की सेहत पर असर पड़ता है और लोगों को अपनी जीवनशैली को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है।उन्होंने कहा, “भारत में दिल की बीमारी, खासकर कोरोनरी आर्टरी डिजीज (जिसे अक्सर आर्टरी ब्लॉक होना कहा जाता है), तेजी से बढ़ रही है। इसके कई कारण हैं। एक कारण हमारा खान-पान है... भारत में स्मोकिंग और तंबाकू चबाना बहुत आम है; तंबाकू का किसी भी तरह से सेवन नुकसानदायक है।”
डॉ. त्रेहान ने तंबाकू सेवन के अलग-अलग तरीकों का उल्लेख करते हुए कहा कि केवल सिगरेट या धूम्रपान से ही बचना पर्याप्त नहीं है। तंबाकू को चबाने या किसी अन्य रूप में इस्तेमाल करने से भी स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने लोगों से तंबाकू के सेवन को लेकर सावधानी बरतने की बात कही।भारत में दिल की बीमारियों को लेकर चर्चा करते हुए उन्होंने खान-पान को भी एक महत्वपूर्ण कारण बताया। बदलती जीवनशैली के बीच लोगों की खाने की आदतों में कई तरह के बदलाव आए हैं। डॉ. त्रेहान ने कहा कि खान-पान की आदतें भी हृदय से जुड़ी बीमारियों के बढ़ते मामलों में भूमिका निभा रही हैं।
उन्होंने डायबिटीज और मोटापे का भी जिक्र किया। डॉ. त्रेहान के अनुसार, देश में डायबिटीज और मोटापे से जुड़े मामलों के साथ दिल की बीमारियों का मुद्दा भी महत्वपूर्ण होता जा रहा है। उन्होंने इन कारकों को हृदय संबंधी बीमारियों के बढ़ते मामलों से जुड़े कारणों में शामिल किया।कोरोनरी आर्टरी डिजीज में हृदय तक रक्त पहुंचाने वाली धमनियों से जुड़ी समस्या होती है। आम बोलचाल में इसे आर्टरी ब्लॉक होने के तौर पर समझा जाता है। डॉ. त्रेहान ने इसी बीमारी के बढ़ते मामलों का उल्लेख करते हुए लोगों को अपनी आदतों और स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहने की जरूरत बताई।
उन्होंने कहा कि भारत में स्मोकिंग और तंबाकू चबाने की आदत आम है। इसी वजह से तंबाकू के किसी भी रूप में सेवन को लेकर जागरूकता जरूरी है। उनका कहना था कि तंबाकू का इस्तेमाल किसी भी तरीके से किया जाए, यह स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक है।डॉ. त्रेहान की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब देश में हृदय रोगों को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने लोगों को उन कारणों पर ध्यान देने की जरूरत बताई, जो हृदय संबंधी बीमारियों के जोखिम से जुड़े हो सकते हैं।
उन्होंने खान-पान और जीवनशैली को लेकर भी सावधानी बरतने की बात कही। उनके अनुसार, तंबाकू सेवन के साथ-साथ डायबिटीज और मोटापा जैसी स्थितियां भी दिल की बीमारी के बढ़ते मामलों से जुड़ी हुई हैं। इसलिए हृदय स्वास्थ्य को लेकर केवल एक कारण पर ध्यान देने के बजाय कई स्तरों पर सावधानी जरूरी है।
डॉ. त्रेहान ने विशेष रूप से तंबाकू के सेवन को लेकर स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि तंबाकू का कोई भी रूप नुकसानदायक है। ऐसे में लोगों को स्मोकिंग और तंबाकू चबाने जैसी आदतों से बचने की जरूरत है।नोएडा में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने भारत में कोरोनरी आर्टरी डिजीज के बढ़ते मामलों को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि इस बीमारी के पीछे कई कारण हैं और इनमें खान-पान, तंबाकू सेवन, डायबिटीज और मोटापा शामिल हैं।
डॉ. त्रेहान के बयान में तंबाकू के इस्तेमाल को लेकर विशेष जोर रहा। उन्होंने बताया कि भारत में धूम्रपान और तंबाकू चबाना आम है और दोनों ही स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। उनके अनुसार, तंबाकू को किसी भी रूप में इस्तेमाल करना सुरक्षित विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।
उन्होंने लोगों को दिल की सेहत को लेकर जागरूक रहने का संदेश दिया। खान-पान की आदतों पर ध्यान देने के साथ तंबाकू से दूरी, डायबिटीज और मोटापे जैसे जोखिम कारकों पर नियंत्रण की दिशा में प्रयास जरूरी हो सकते हैं।डॉ. नरेश त्रेहान ने बातचीत के दौरान यह भी स्पष्ट किया कि भारत में दिल की बीमारी के बढ़ते मामलों के पीछे कोई एक कारण नहीं है। अलग-अलग जीवनशैली और स्वास्थ्य संबंधी कारक मिलकर समस्या को प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने खान-पान, स्मोकिंग, तंबाकू, डायबिटीज और मोटापे को इस संदर्भ में प्रमुख कारणों के रूप में गिनाया।
कुल मिलाकर, मेदांता ग्रुप के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. नरेश त्रेहान ने लोगों को तंबाकू के सेवन से बचने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि तंबाकू किसी भी रूप में नुकसानदायक है। साथ ही भारत में दिल की बीमारी, विशेष रूप से कोरोनरी आर्टरी डिजीज के बढ़ते मामलों का जिक्र करते हुए खान-पान, स्मोकिंग, तंबाकू सेवन, डायबिटीज और मोटापे जैसे कारकों को इसके पीछे की वजहों में शामिल बताया।
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