उत्तर प्रदेश

नारायणी नदी से मिले 4 शव नेपाल भेजे गए DNA से होगी पहचान

nidhi
31 Aug 2026 1:09 PM IST
नारायणी नदी से मिले 4 शव नेपाल भेजे गए DNA से होगी पहचान
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चार अज्ञात शव नेपाल प्रशासन को सौंपे

महराजगंज: नेपाल में आई भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के बाद नारायणी-गंडक नदी में बहकर भारत पहुंचे चार अज्ञात शवों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद नेपाल प्रशासन को सौंप दिया गया है। मृतकों की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है, इसलिए सभी शवों के डीएनए सैंपल सुरक्षित रखे गए हैं, ताकि भविष्य में परिजनों की पहचान में मदद मिल सके।

महराजगंज जिले के निचलौल थाना क्षेत्र में 27 अगस्त को नारायणी-गंडक नदी से चार अज्ञात शव बरामद हुए थे। इनमें तीन महिलाओं और एक पुरुष का शव शामिल था। शवों की पहचान नहीं होने के बाद उन्हें जिला अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस में सुरक्षित रखा गया था।
पोस्टमार्टम के बाद लिए गए DNA सैंपल
प्रशासन ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत 72 घंटे का इंतजार किया। इसके बाद शवों का पोस्टमार्टम कराया गया और पहचान की संभावना बनाए रखने के लिए डीएनए सैंपल लिए गए। अधिकारियों के अनुसार, भविष्य में अगर नेपाल में किसी लापता व्यक्ति के परिजन सामने आते हैं तो डीएनए मिलान के जरिए मृतकों की पहचान की जा सकेगी। महराजगंज प्रशासन ने सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शवों को नेपाल प्रशासन को सौंप दिया। शवों को सीमा के रास्ते नेपाल के नवलपरासी प्रशासन तक पहुंचाया गया।
नेपाल बाढ़ के बाद सामने आई त्रासदी
नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा के बाद बड़ी संख्या में लोग लापता हुए हैं। तेज बहाव के कारण कई शव नदियों के रास्ते भारत की सीमा तक पहुंच गए। भारत और नेपाल के प्रशासन इस मानवीय संकट से निपटने और मृतकों की पहचान की प्रक्रिया में सहयोग कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि डीएनए सैंपल सुरक्षित रखने का उद्देश्य मृतकों को सम्मानजनक पहचान दिलाना और उनके परिवारों तक सूचना पहुंचाना है। आपदा के समय ऐसी वैज्ञानिक प्रक्रिया से लापता लोगों की तलाश और पहचान में काफी मदद मिलती है।
प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
नेपाल में बाढ़ के बाद भारतीय सीमा से लगे इलाकों में प्रशासन सतर्क है। नदियों में आने वाले किसी भी शव या संदिग्ध वस्तु की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से भी अपील की है कि वे नदी किनारे सतर्क रहें और किसी भी जानकारी को तुरंत अधिकारियों तक पहुंचाएं। चारों शवों की पहचान अब नेपाल प्रशासन और डीएनए जांच प्रक्रिया पर निर्भर है। उम्मीद है कि वैज्ञानिक जांच के जरिए मृतकों के परिवारों तक उनकी अंतिम जानकारी पहुंचाई जा सकेगी।
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